बिना मास्क लगाए पहुंचे कलेक्टर
आइसोलेशन वार्ड में व्यवस्थाएं देख बोले- क्या है स्वाइन फ्लू
हेल्थरिपोर्टर|खरगोन
जिलेमें बढ़ते स्वाइन फ्लू के कारण गुरुवार जिला अस्पताल में कलेक्टर नीरज दुबे ने वार्डों का निरीक्षण कर व्यवस्थाएं जांची। कलेक्टर ने वार्ड के कर्मचारियों से पूछा, क्या है स्वाइन फ्लू। किस तरह के मरीजों को भर्ती रखते हो। उन्होंने डॉक्टरों से व्यवस्थाओं की जानकारी ली और गंभीर मरीजों को तत्काल रैफर करने की बात कही। इस दौरान कुछ डॉक्टरों ने कलेक्टर से मास्क लगा लेने का आग्रह किया। कलेक्टर बोले, नो थैंक्स। कर्मचारी-डॉक्टर मास्क पहन ड्यूटीरत थे। कलेक्टर ने बिना मास्क पूरे अस्पताल का जायजा लिया। वे दूसरी मंजिल स्थित आईसोलेशन वार्ड में पहुंचे। दवा, बेड की जानकारी ली। डॉक्टर गोविंद गुप्ता से पूछा, यहां किस तरह के मरीजों को रखा जाता है। शुरुआती लक्षण बी 1 के मरीजों में बच्चे और बड़े मरीजों को अलग रखें। क्योंकि बच्चों की प्रतिरोधक क्षमता कम होती है। कलेक्टर ने हड्डी वार्ड के आईसोलेशन वार्ड को भी देखा। यहां छह बच्चे भर्ती थे। उन्होंने बच्चे परिजन से चर्चा की। मरीजों के भोजन की जानकारी ली। निर्माणाधीन मदर केयर सेंटर गए। पैर से कॉलम से टुकड़ा टूट गया। ठेकेदार को बुलाकर पूछा, कैसा निर्माण कर रहो हो। मजदूर से हथोड़ा दूसरा कॉलम तुड़वाया। सीमेंट नीचे गिरी। कलेक्टर ने पीआईयू के अफसरों ठेकेदार हिदायत दी। साथ ही सिविल सर्जन आर.के. नीमा को निर्माण कार्यों की जानकारी लेकर जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। इधर, स्वाइन फ्लू के दो संदिग्ध मरीजों को गुरुवार इंदौर रैफर किया है। जबकि आठ संदिग्ध मरीजों का इलाज जारी है। जिले में अभी तक 28 मरीजों को इंदौर रैफर किया जा चुका है। जबकि पांच लोगों की मौत हुई है।
कलेक्टर नीरज दुबे कर्मचारियों से स्वाइन फ्लू के बारे में जानकारी लेते हुए।