हरसूद। रेलवे स्टेशन, बायपास, हरसूद-छनेरा और पुराने हरसूद मार्ग को जोडऩे वाले प्रमुख चौराहे (फीलगुड) के नामकरण को लेकर नगर में छात्र संगठन अभाविप और नगर परिषद के बीच इन दिनों आंख-मिचौनी का खेल चल रहा है। दो साल पुरानी मांग पर निर्णय नहीं होने से अब असंतोष पनपने लगा है।
अभाविप ने दो साल पहले नगर के फीलगुड चौराहे का नामकरण स्वामी विवेकानंद करने को लेकर ज्ञापन नपं अध्यक्ष कमलकांत भारद्वाज, सीएमओ तथा एसडीएम को दिया था। डेढ़ साल में किसी भी निर्णय पर नहीं पहुंचने पर फिर से मांग उठी।
पिछले माह कांग्रेस नेत्री विद्योत्तमा खान ने चौराहे के नामकरण की मांग पर आपत्ति लेते हुए फीलगुड चौराहा ही रखे जाने के लिए ज्ञापन दिया था। तब से नाम बदलने की प्रकिया आगे नहीं बढ़ी है। स्वामी विवेकानंद सप्ताह के दौरान इस मांग ने फिर जोर पकड़ा है। नागरिकों, व्यापारियों, जनप्रतिनिधियों (पार्षदों) से समर्थन के रूप में हस्ताक्षर अभियान चलाया गया।
सोमवार से शैक्षणिक संस्थाओं में जाकर स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा के लिए धनसंग्रह भी शुरू हो गया। शुक्रवार को संगठन प्रतिनिधिमंडल ने पुन: नपं अध्यक्ष से भेंट की। श्री भारद्वाज ने आपत्ति और विवाद का हवाला देते हुए किसी अन्य चौराहे का सुझाव देते हुए खर्च नपं द्वारा उठाने का प्रस्ताव रखा किंतु संगठन के लोग अपनी मांग पर अड़े रहे।
पार्षदों को गुलाब दे कर सहमति पत्र देने की तैयारी - फरवरी अंत या मार्च के प्रथम सप्ताह में नपं की साधारण सभा की बैठक होनी है। अभाविप बैठक के पूर्व पार्षदों को गुलाब भेंट कर उनके द्वारा दिए गए सहमति पत्र की छायाप्रति उन्हें देकर याद दिलाने की तैयारी कर रही है।
मांग पर कुछ आपत्ति आई है। इसलिए मामले को परिषद की बैठक में रखा जाएगा। बैठक में सर्वानुमति से जो निर्णय होगा वह मुझे मान्य होगा। कमलकांत भारद्वाज, अध्यक्ष नपं छनेरा
संगठन की मांग के डेढ़ साल बाद ली जाने वाली आपत्ति बेतुकी है। परिषद की बैठक का इंतजार है। चौराहे का नाम स्ववामीजी के नाम पर होना ही चाहिए। -भावेश नागड़ा, अभाविप नेता
फीलगुड चौराहा जिसका नाम स्वामी विवेकानंद रखने की मांग की जा रही है।