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राजगढ़ के सरकारी अस्पताल में छह माह से डॉक्टर नहीं

7 वर्ष पहले
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राजगढ़की25 हजार आबादी के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में एक भी डॉक्टर नहीं है। यहां कोई इलाज के लिए पहुंचता है तो पांच किमी दूर सरदारपुर भेज दिया जाता है। 6 माह से यही हाल है।

राजगढ़ स्वास्थ्य केंद्र पर डॉ. एमएल मुजाल्दा एवं शीला मुजाल्दा दंपति पदस्थ थे। दोनों का प्रमोशन हो गया। डॉ. एमएल मुजाल्दा का बदनावर शीला मुजाल्दा का सरदारपुर स्थानांतरण हो गया। छह माह से अधिक हो गया है, पर कोई दूसरा डॉक्टर यहां नहीं आया। नगर के लोग और आसपास के आने वाले ग्रामीण मरीज भी परेशान हो रहे हैं। मरीजों की संख्या में निरंतर गिरावट रही है। महिला डॉक्टर नहीं होने से प्रसूती नहीं हो पा रही। प्रसूति गृह में ताला लगा है। गर्भवती महिलाओं को तड़पते हुए सरदारपुर के लिए रैफर किया जा रहा है। अधूरी बाउंड्रीवाल एवं अतिक्रमण के कारण परिसर आम रास्ता बन गया है। लोग खुली पड़ी जगह में शौच कर रहे हैं। वार्ड काफी पुराना जर्जर पड़ा है। बरसों से बंद पड़ा है।

कम हो गए मरीज

जुलाईमाह में 398 मरीज आए थे। अगस्त माह में 410 आए। पूर्व में एक दिन में करीब 50 से अधिक आते थे। यहां पर दो वार्ड बाय, एक आया बाई , एक दाई , एक स्वीपर एक ड्रेसर तथा तीन एएनएम सिस्टर पदस्थ हैं। स्टाफ क्वार्टर की व्यवस्था नहीं है। लेब टेक्नीशियन का भी पद खाली है। सर्दी-खांसी, खुजली, दमा ड्रेसिंग के गंभीर अवस्था एवं महिला रोगी को सरदारपुर रैफर किया जा रहा है।

सीबीएमओ को व्यवस्था करना चाहिए

^सीबीएमओका दायित्व है। उन्हें उनके स्तर से व्यवस्था करना चाहिए। मैं दिखवा लेती हूं।” वंदनाखरे, सीएमएचओ

प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर ताला लगा रहता है।

स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल| मरीजों को इलाज के लिए जाना पड़ रहा सरदारपुर