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टंकी बनने के बाद भी फ्लोराइड वाला पानी पी रहे 16 गांव

7 वर्ष पहले
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तीन एसडीएम बदल गए पर नहीं हुई ठोस पहल

राजीवगांधी मिशन तहत फ्लोराइड प्रभावित गांवों एवं बस्तियों को शुद्ध पेयजल सुधार कार्यक्रम में केंद्र सरकार द्वारा 12 करोड़ 31 लाख रुपए की योजना बनाकर काम शुरू किया था, योजना की नींव तत्कालीन विधायक राजवर्धनसिंह दत्तीगांव ने 3 जून 2008 को रखी थी। गांवों में टंकियां बन गई लेकिन पाइप लाइन सतह पर ही बिछा देने से जगह-जगह से लीकेज होकर जर्जर हो जाने से ग्रामीणों को आजतक योजना का लाभ नहीं मिल सका। भाकिसं सदस्यों ने मामले में विधायक भंवरसिंह शेखावत से भी मुलाकात कर योजना में राशि और बढ़वाकर इसे पूरा करने की मांग भी की थी। प्रशासकीय स्तर पर भी ज्ञापन देते हुए तीन एसडीएम बदल गए लेकिन योजना को लेकर ठोस पहल शुरू नहीं हो सकी। भाकिस के ब्लॉक सचिव कैलाशचंद्र पापाजी एवं सदस्यों ने योजना में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते योजना से जुड़े अफसर एवं ठेकेदार को दोषी ठहराया।

कालीकराय योजना में टंकियां तो बन गईं लेकिन जल उपलब्ध हो सका।

भास्कर संवाददाता | बदनावर

फ्लोराइडप्रभावित16 गांवों एवं बस्तियों में शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने की मंशा से शुरू की गई कालीकराय योजना साढ़े छह साल बाद भी अधर में है। बीते सालों में योजना की लागत और बढ़ जाने से अब इसके क्रियान्वयन को लेकर भी सवाल खड़े होने लगे है। पेयजल टंंकियां तो बना दी गई लेकिन पाइप लाइन सतह पर ही बिछा देने से जर्जर हो गई है नतीजतन एक भी स्थान तक पानी नहीं पहुंच पाया है।

भाकिसंने की थी शिकायत, अब करेंगे आंदोलन

विभागीयलापरवाही एवं जनप्रतिनिधियों की अनदेखी के चलते योजना भ्रष्टाचार एवं गैर जिम्मेदारी की भेंट चढ़ गई है। भाकिसं मामले को लेकर कई बार ज्ञापन देकर योजना के अमलीकरण एवं जिम्मेदारों के विरुद्ध जांच की मांग कर चुका है लेकिन नतीजा सिफर होने से अब उग्र आंदोलन की भूमिका बनने लगी है। योजना में कड़ोद, शेरगढ़, बिड़वाल, पडुनीकला, दत्तीगारा, बोरझड़ी, किशनपुरा, कोद, गाजनोद सहित सोलह गांवों के ग्रामीणों को लाभ मिलना था।