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भोपाल में हुआ आरक्षण | धार और कुक्षी को छोड़ हर विस क्षेत्र में है अजजा महिला की सीट, 14 के आंकड़े सक्षम महिला नेतृत्व की तलाश

7 वर्ष पहले
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अजजा महिला होंगी जिला पंचायत की अध्यक्ष

भोपालमें हुई प्रक्रिया में शुक्रवार को धार जिला पंचायत अध्यक्ष की सीट (राज्यमंत्री दर्जा प्राप्त) अनुसूचित जनजाति महिला के लिए आरक्षित की गई। आरक्षण के साथ ही चुनाव का गुणा भाग शुरू हो गया। दोनों पार्टियों (भाजपा-कांग्रेस) का टारगेट जिले की सबसे अहम संस्था पर कब्जा जमाने का है। इसके लिए नजरें 14 के आंकड़े पर टिकी हैं। यह बहुमत का आंकड़ा है, इतनी सीटें आने पर ही पार्टी अपना अध्यक्ष बनाने में सफल हो सकेगी। सक्षम अजजा महिला चेहरे की तलाश भी शुरू हो गई है।

जिला पंचायत सदस्यों की 27 सीटें हैं, जिनके लिए प्रत्यक्ष प्रणाली से चुनाव होंगे। मतदाता सीधे इन्हें वोट देकर जिला पंचायत में पहुंचाएंगे। इन्हीं 27 में से अजजा महिला सीटों पर जीत कर आने वाली महिलाएं अध्यक्ष पद की उम्मीदवार बन सकती हैं। सभी 27 सदस्य वोट देकर अपना नेतृत्व चुनेंगे। 14 सदस्यों के वोट जिसे मिलेंगे, वह अध्यक्ष होगा। अब तक सीटों का ही आरक्षण हुआ था। अध्यक्ष पद के लिए आरक्षण के बाद पार्टियों के लिए रणनीति बनाने का रास्ता साफ हो गया है। बहुमत हासिल करने के लिए पार्टियों ने संबंधित सीटों पर स्थानीय जिताऊ उम्मीदवारों की खोज शुरू कर दी है। हालांकि इस चुनाव में पैराशूट प्रत्याशी की सुविधा भी पार्टियों को है। जिले के किसी भी इलाके के मतदाता को किसी भी सीट से चुनाव लड़ाया जा सकता है। वैसे इस सुविधा का इस्तेमाल पार्टियां अपने अध्यक्ष पद के संभावित प्रत्याशी को सुरक्षित सीट पर उतारने के लिए करती हैं। दोनों पार्टियों के लिए दूसरी बड़ी चुनौती सक्षम अजजा महिला की तलाश है। भाजपा में दो कद्दावर नेत्रियां सावित्री ठाकुर और रंजना बघेल सांसद विधायक बन चुकी हैं। पार्टी के सामने नया चेहरा तलाशने की चुनौती है। कांग्रेस में भी सक्रिय अजजा महिला नेत्रियों का टोटा है लेकिन प|ियों को मैदान में उतारने की बारी आई तो कई विकल्प सामने जाएंगे।