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11.73 करोड़ के सौदे में समझौता, 11 लाख का चेक दिया
बदनावर में 1135 प्रकरणों का निराकरण
रिश्तों की गाड़ी लौटी ट्रैक पर
नेशनललोकअदालत में शनिवार को 11.73 करोड़ के बड़े जमीन सौदे का समझौते के आधार पर निराकरण किया गया। प्रतिवादी पक्ष ने बयाने के 11 लाख रुपए छह माह में लौटाने की सहमति देकर समझौता किया। 11 लाख रुपए का अग्रिम चौक भी दे दिया। समझौते के चलते न्याय शुल्क की राशि डेढ़ लाख रुपए वापस की जाएगी।
यह बड़ा समझौता जिला एवं सत्र न्यायाधीश एके तिवारी के मार्गदर्शन में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश मनावर अतुल्य सराफ की खंडपीठ ने करवाया। खंडवा निवासी व्यवसायी आलोक कमलचंद सेठी ने 2011 में मनावर के जाजमखेड़ी में दो किसान भाना पुष्पाल सिंह से 41 बीघा भूमि खरीदने का सौदा किया था। सौदा 28.61 लाख प्रति बीघा के मान से हुआ। कुल 11.73 करोड़ रुपए के बयाने के रूप में सेठी ने 11 लाख रुपए भी दे दिए लेकिन सौदे के बाद विवाद हो गया। सेठी ने मार्च 2013 में न्यायालय का सहारा लिया। प्रकरण में समझौते की संभावना देखते हुए लोक अदालत में रखा गया। खंडपीठ ने दोनों पक्षों उनके अभिभाषकों के साथ कई बैठकें कर समझाइश दी, जिस पर दोनों पक्ष तैयार हुए। समझौते में निर्णय लिया गया कि भाना पुष्पाल सिंह वादी सेठी को बयाना राशि 11 लाख रुपए 6 माह में वापस देंगे। भाना ने समझौते के पालन में 11 लाख रुपए का अग्रिम चेक भी वादी को सौंप दिया। समझौते के चलते न्याय शुल्क की राशि 1.50 लाख रुपए भी वापस की जाएगी।
बकाया का नोटिस दिया था, एडवांस निकल गए
त्रिमूर्तिनगर निवासी निजी कॉलेज के प्रोफेसर गौरव गुप्ता को बीएसएनएल ने 2507 रुपए बकाया का नोटिस देकर लोक अदालत में समझौता करने के लिए बुलाया। गुप्ता ने सारे दस्तावेज लेकर आए थे। बताया कि नवंबर 2013 में लैंडलाइन-ब्रॉडबैंड कनेक्शन डेड हुआ। एक माह तक फोन नहीं सुधारा। दिसंबर में टीडीएम को मौखिक और बाद में जनवरी फरवरी में लिखित शिकायत की। बावजूद सुधार नहीं हुआ तो अप्रैल में कनेक्शन कटवाने का आवेदन दिया। आवेदन स्वीकार कर विभाग ने अप्रैल में 1440 रुपए डिपोजिट में से 1258 रुपए जमा करवा लिए। इसके बाद भी अक्टूबर तक बिल आता रहा और अब लोक अदालत का नोटिस दे दिए। सारे दस्तावेज देखे तो गुप्ता के 182 रुपए एडवांस जमा निकले। गुप्ता ने अड़ गए कि खेद पत्र लिखकर विभाग की ओर से दिया जाए। विभाग ने एक माह में ऐसा पत्र देने का आश्वासन दिया