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धामनोद स्वास्थ्य केंद्र में 8 माह से शिशु रोग विशेषज्ञ नहीं
धामनोद स्वास्थ्य केंद्र में 8 माह से शिशु रोग विशेषज्ञ नहीं
धामनोद | सामुदायिकस्वास्थ्य केंद्र धामनोद में डॉक्टरों की कमी बनी हुई। 8 महीनों से शिशु रोग विशेषज्ञ नहीं है। नगर और आसपास का बड़ा क्षेत्र जुड़ा होने से लोग परेशान हो रहे हैं। कोई बच्चा गंभीर अवस्था में धामनोद लाया जाता है तो ड्यूटी डॉक्टर्स को उसे धार या इंदौर रैफर करना पड़ता है। 22 सितंबर को धामनोद के बूटी नाला क्षेत्र की चंपा पति सुनील की 22 दिन की बच्ची अर्पणा को निमोनिया के लक्षणों की पुष्टि हुई। दंपत्ति दो दिनों से अस्पताल परिसर में आकर मासूम की जान बचाने के लिए गुहार लगा रहे हैं। शिशु रोग विशेषज्ञ नहीं होने से डॉक्टर उन्हें धार या इन्दौर ले जाने की सलाह दे रहे हैं। आखिरकार बच्ची को धार ले जाया गया। दंपत्ति ने बताया धार या इंदौर जैसे स्थानों पर इलाज तो हो जाता है लेकिन वहां रहने-खाने की व्यवस्थाओं के लिए काफी खर्च होता है। रोजाना मजदूरी करके कमाते हैं। ऐसे में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
^भोपालमें धामनोद में सेवा देने के लिए कोई भी शिशु रोग विशेषज्ञ नियुक्ति के लिए आवेदन नहीं दे रहा है। अगर ऐसा कोई आवेदन आता है तो तत्काल ही नियुक्ति दे दी जाएगी।” डॉ.मोहन गुप्ता, बीएमओ
कलेक्टोरेटदर से आधा भी मानदेय नहीं 1200 रु. दे रहे सफाईकर्मी को
बदनावर| सरकारीअस्पताल में सफाईकर्मी जगदीश भाटी ने एसडीएम, विधायक जिला स्वास्थ्य अधिकारी को ज्ञापन दिया। बताया कि सफाई कर्मी के पद पर 2007 से पदस्थ है। 1200 रु मानदेय दिया जा रहा है। इसी विभाग में इसी पद के अन्य कर्मचारियों को कलेक्टर रेट से भुगतान किया जा रहा है। इतनी कम राशि में पारिवारिक खर्च चलाने में भारी परेशानी हो रही है। पिछले 5 साल में भाटी मानदेय बढ़ाने के लिए तत्कालीन वर्तमान विधायक को ज्ञापन दे चुके हैं। सीबीएमओ एसएल मुजाल्दे ने कहा दो माह बाद होने वाली एनआरएचएम की भर्ती में उसकी सिफारिश कर ठेके का काम दिला देंगे। वेतन बढ़ाना मेरे अधिकार में ही नहीं है।