पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • कपास के कम दाम को लेकर 50 किसानों ने 40 मिनट हंगामा किया

कपास के कम दाम को लेकर 50 किसानों ने 40 मिनट हंगामा किया

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
अच्छीगुणवत्ता वाले कपास का दाम 2 हजार रुपए दिए जाने को लेकर सोमवार को करीब 50 किसानों ने 40 मिनट तक हंगामा किया। कृषि उपज मंडी में सोमवार को किसान करीब 15 गाड़ी कपास लेकर आए थे। लेकिन व्यापारियों की नीलामी से नाखुश किसानों ने दोपहर 12.40 बजे बड़वाह-महेश्वर रोड पर कपास से भरी गाड़ियां अड़ाकर चक्काजाम किया मंडी विरोधी नारे लगाए। दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। आक्रोशित किसानों ने मंडी अध्यक्ष सदस्यों को बुलाने की मांग की, लेकिन उनकी बात सुनने के लिए कोई प्रतिनिधि मौजूद नहीं था। स्थिति बिगड़ते देख थाना प्रभारी वीडीएस परिहार बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने समस्या के उचित निराकरण का आश्वासन देकर जाम खोलने की अपील की। दोपहर 1.20 बजे जाम खोलकर यातायात बहाल किया। तब कपास की नए सिरे से नीलामी की गई। इस दौरान एसडीओपी आरसी पाठक प्रभारी एसडीएम सत्येंद्र बैरवा, तहसीलदार संजय शर्मा भी पहुंचे।

^किसानों की समस्या सुनकर व्यापारियों को मंडी बुलाया गया। ज्यादा व्यापारी रहने से उपज के दाम अच्छे मिलते हैं। मंडी सचिव को निर्देशित किया गया है कि वह नीलामी के समय मौजूद रहें।^ -सत्येंद्रबैरवा, प्रभारीएसडीएम बड़वाह

उच्च गुणवत्ता के कपास का दाम कम दिए जाने को लेकर आक्रोशित किसानों ने विरोध जताया।

^किसानों का आरोप गलत है। क्वालिटी के आधार पर ही हम कपास का दम आंकते हैं। कई बार भूलवश कपास के दाम ऊपर-नीचे हो जाते हैं। फिलहाल पानी के चलते कपास की क्वालिटी पर फर्क पड़ा है। गीला कपास आने की वजह से उसे उचित दाम नहीं मिल पा रहा।^ -रमेशबाफना, अध्यक्षकाटन व्यापारी एसोसिएशन बड़वाह

व्यापारी कर रहे मोनोपाली

यह बोले किसान

बेलम के किसान राहुलभाएल नेकहा मंडी अध्यक्ष की नाक के नीचे व्यापारी मोनोपाली कर रहे हैं। जिसके चलते किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल रहा।

किसान राहुलनेकहा शनिवार को कपास अधिकतम 5100 रुपये प्रति क्विंटल बिका था, सोमवार को लगभग उसी गुणवत्ता वाले कपास की कीमत 1500-2000 रुपए क्विंटल बताई गई।

रूपाबेड़ी के किसान जगदीशपंवार नेकहा व्यापारी अपने परिचित किसानों की उपज अच्छे दाम पर खरीद लेते हैं, और हम जैसे छोटे किसानों की उपज के दाम जानबूझकर कम आंकते हैं।

पवनमोरे नेकहा बोर्ड पर आज कपास के अधिकतम 4500 न्यूनतम दाम 2600 लिखे गए। फिर भी किसानों को उससे भी कम दाम बताए जाते