ठंड नहीं पड़ने से पीली हो रही गेहूं फसल
इसवर्ष नवंबर माह लोगों को ठंड का अहसास दिए बिना ही विदा हो गया। अब किसानों को दिसम्बर से ठिठुराने वाली ठंड की आस है। क्योंकि मौसम का चक्र गड़बड़ाने से रबी की फसल पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है। पूर्व में बोई गई गेहूं की फसल को अपेक्षा अनुरूप ठंड नहीं मिल पाने की वजह से पीले पड़ने का अंदेशा बढ़ गया है। यदि दिसंबर माह में कड़ाके की ठंड नहीं पड़ी तो रबी की फसल पर और अधिक प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी बीएस सेंगर ने बताया गेहूं की फसल के लिए सर्दी बहुत जरूरी है। वह किसान जिन्होंने 15 नवंबर के बाद बुआई की हो उसके लिए यह मौसम काफी अनुकूल है। लेकिन जिन किसानों ने अक्टूबर माह में बोवनी कर दी है। उन फसलों के लिए यह मौसम प्रतिकूल साबित हो सकता है। फिलहाल अभी भी क्षेत्र के किसानों द्वारा बोवनी की जा रही है। जो 25 दिसंबर तक चलेगी। सरकारी आंकड़ों के अनुसार चालू रबी सीजन में बड़वाह ब्लाक में अभी तक गेहूं की बुवाई 15500 हेक्टेयर में हो चुकी है। पिछले वर्ष की समान अवधि में गेहूं की बुवाई 22000 हेक्टेयर तक पहुंच गई थी। कृषि वैज्ञानिक यूके जैन ने बताया फसलों को अपेक्षा अनुरूप ठंड नहीं मिली है। कुछ स्थानों पर फसलें पीली पड़ रही है। जिसकी जांच की जा रही है।
ठंड नहीं होने से पीली पड़ रही गेहूं की फसल।