पानवा के 80 एकड़ में 125 करोड़ से प्रदेश का पहला फूड पार्क तैयार
कलेक्टर व एसपी ने फूड पार्क का जायजा लिया
भास्कर संवाददाता | खरगोन
प्रदेश का पहला फूड प्रोसेसिंग पार्क कसरावद के पानवा में शुरू हो रहा है। 80 एकड़ में 125 करोड़ के निवेश से पार्क बनकर तैयार है। इससे प्रदेश सरकार को काफी आशा है। प्रोजेक्ट को प्रदेश के लिए फूड प्रोसेसिंग के नए अध्याय और खेती को लाभ का धंधा बनाने के लिए अहम कदम के रूप में देखा जा रहा है। केंद्रीय शहरी विकास मंत्री एम वैंकेया नायडू, खाद्य एवं प्रसंस्करण मंत्री हरसिमरत कौर बादल, राज्यमंत्री साध्वी निरंजन ज्योति, मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान 12 फरवरी को एक कार्यक्रम में इंडस फूड पार्क का उदघाटन करेंगे।
80 एकड़ क्षेत्र में फैले पार्क में आनंदा ग्रुप व वशिष्ठ होर्डिंग्स लिमिटेड ने 125 करोड़ रुपए निवेश किया है। अभी 20 एकड़ क्षेत्र में कोल्ड स्टोरज व इंस्टेंट क्वीक फ्रिज यूनिट (आईक्यूएफ) लगाई गई है। इसे केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण मंत्रालय और मप्र शासन के सहयोग से स्थापित किया है। मंगलवार को व्यवस्थाएं देखने कलेक्टर नीरज दुबे, एसपी अमित सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने पार्क स्थल का भ्रमण किया और सुरक्षा बंदोबस्त देखे। इकाई में काम कर रहे कर्मचारियों से चर्चा की और खाद्य प्रसंस्करण की प्रक्रिया समझी। कलेक्टर ने बताया केंद्रीय मंत्रियों सहित मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर तैयारियां पूरी हो चुकी है। पार्क संचालकों ने मंत्रियों के आवागमन को लेकर परिसर में ही हेलिपेड तैयार कराया है। एसपी ने हेलिपेड की व्यवस्था देखी। उन्होंने बताया मुख्यमंत्री सहित अन्य मंत्रियों का हेलीकॉप्टर सीधे हेलिपेड पर ही उतरेगा। वहां से पास ही बने गणेश मंदिर में पूजा होगी। उसके बाद सभी जनप्रतिनिधि मंच पर जाएंगे। सुरक्षा को लेकर पुख्ता इंतजामात हैं। एएसपी अंतरसिंह कनेश सुरक्षा के प्रभारी रहेंगे। कार्यक्रम में पशुपालन मंत्री कुसुम मेहदेले, प्रभारी मंत्री विजय शाह, सांसद सुभाष पटेल, राज्यसभा सदस्य विजयलक्ष्मी साधौ, खरगोन, कसरावद, महेश्वर, बड़वाह, भीकनगांव, भगवानपुरा के विधायक और खल बुजुर्ग पंचायत सरपंच उमा पटेल मौजूद रहेंगी। सचिव स्तर के अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहेंगे। कार्यक्रम बाद मुख्यमंत्री व अन्य मंत्री खंडवा निकल जाएंगे।
कार्यक्रम में 10 हजार किसानों को बुलाया गया है। यहां उन्हें देश के नामी कृषि विशेषज्ञ खेती में नई तकनीक की जानकारी देंगें। उन्हें फसल रोटेशन, प्रोसेसिंग उद्योग के बारे में बताया जाएगा। कुछ स्थानीय व्यापारियों को व्यापार करने के लिए भी जगह दी जाएगी।
पार्क में यह होगी सुविधा
यहां खाद्य पदार्थों को आधुनिक मशीनों से धोने के बाद उनकी ग्रेड निर्धारित होगी। फिर गुणवत्ता के हिसाब से अलग-अलग श्रेणी में छंटाई होगी। आईक्यूएफ तकनीक से फ्रिज किया जाएगा। यहां कोल्ड स्टोरज व फूड लैब भी होगी। खाद्य प्रसंस्करण में अंतरराष्ट्रीय मानकों का पालन किया जाएगा।
रूस में कर रहे निर्यात
कंपनी के अफसरों ने बताया अभी पार्क में स्वीट कार्न और बटला प्रोसेसिंग चल रही है। इन्हें परिसर में ही उगा रहे हैं। तैयार होने के बाद रूस निर्यात किया जा रहा है। पार्क में 1000 से स्थानीय महिलाओं को रोजगार मिला है। इसके अलावा स्थानीय किसानों की अधिक उपज भी खरीदी जाएगी।
यह है फूड प्रोसेसिंग
चीन के बाद भारत दुनिया का सबसे बड़ा खाद्य उत्पादक देश है। कृषि उत्पादों को खाने लायक बनाने से लेकर इन्हें सुरक्षित रखने और मार्केटिंग फूड प्रोसेसिंग के अंतर्गत आता है। उत्पादन, खपत, निर्यात और विकास के लिहाज से फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री देश की पांचवीं सबसे बड़ी इंडस्ट्री हैं।
एक नजर में फूड पार्क
कसरावद के पानवा में 80 एकड़ में फूड पार्क तैयार हो चुका है।