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सवा लाख श्रद्धालुओं ने नर्मदा पूजन किया

5 वर्ष पहले
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नावघाटखेड़ी नर्मदा तट पर पूूर्व दिशा की तलहटी से शुक्रवार को जैसे-जैसे सूरज निकला, वैसे-वैसे आस्था, उमंग और उत्साह का दायरा भी बढ़ा। यहां श्रद्धालु नर्मदा जयंती को लेकर जमा हाेने लगे। धूप तीखी हुई तो शांति-सुकून देने वाली धर्म की ठंडी बयार भी तेज हो गई। तट पर मौजूद सवा लाख श्रद्धालुओं ने सुबह 11 बजे तक नर्मदा मैया का दुग्धाभिषेक व दोपहर 12 बजे 108 दीपों से महाआरती की। तट पर गूंजती स्वरलहरियों के बीच श्रद्धालु भक्ति में रम गए। धर्म के इस संगम पर हेलिकाप्टर के जरिए फूलों की बारिश हुई तो तट आस्था से महक उठा। मां रेवा के जयकारे गूंजने लगे।

नावघाटखेड़ी का यह तट श्रद्धालुओं की आस्था के आगे छोटा पड़ गया। सुबह 6 बजे से ही भक्तों की आवाजाही शुरू हो गई। दूर.दूर तक तट पर भक्त दिखे। प्रवेश मार्ग से लेकर घाट तक लंबी कतारें लगी। हर कोई नर्मदा के जयकारे व नर्मदाष्टक का पाठ करता नजर आया। तट पर पहुंचे श्रद्धालुओं ने नर्मदाजी का पूजन किया। दिनभर में करीब सवा लाख श्रद्धालुओं ने 3000 लीटर से अधिक दूध लेकर माताजी का अभिषेक किया। पांच हजार से ज्यादा नारियल नर्मदा में अर्पित किए। कई भक्तों ने चुनरी भी ओढ़ाई। यह क्रम शाम तक चलता।

मंडलेश्वर | नर्मदा जयंती पर नगर में कई धार्मिक अनुष्ठान हुए। घाट पर नर्मदा आरती मंडल द्वारा चुनरी ओढ़ाई गई। भंडारा भी हुआ। एकाशी विश्वनाथ मंदिर घाट, धोबी घाट पर नर्मदा आरती मंडल चोली ने चुनरी ओढ़ाई। टोकेश्वर मंदिर पर भंडारा हुआ। शाम को नार्मदीय ब्राह्मण समाज ने शोभायात्रा निकाली। समाज के मीडिया प्रभारी प्रकाश मोयदे ने बताया शोभायात्रा नार्मदीय समाज धर्मशाला से शुरू होकर नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए नर्मदा घाट पहुंची। यात्रा का जगह-जगह पुष्पवर्षा से स्वागत हुअा। आरती के बाद प्रसाद बांटा। घाट पर सुरक्षा के लिए टीआई राजेश यादव दल बल के साथ मौजूद थे।

501 लीटर दूध से प्रतिमा का अभिषेक
मां मेकल सेवा संस्था के सदस्यों ने भी सुबह 10 बजे 501 लीटर दूध से मां नर्मदा की प्रतिमा का दुग्धाभिषेक किया। इसके बाद नर्मदा प्रतिमा को मंच पर लाया गया। यहां पंडितों ने विधिविधान से पूजन किया। दोपहर 12 बजे हजारों श्रद्धालुओं की मौजूदगी में महाआरती हुई। पंडित गिरिजाशंकर अत्रे, पंडित शंटी गुरु, विजय अत्रे व अन्य ब्राह्मणों ने 108 दीपक के साथ नर्मदाजी की महाआरती की।

नर्मदा तट पर पालकी यात्रा निकाली
आरती बाद भजन सम्राट रवींद्र शर्मा, दीपिका चौरसिया, प्रतिभा करहे व टीम ने नर्मदाष्टक व रेवा स्तुति गाई। इसके बाद पुष्प गुच्छों से सुशोभित पालकी में माताजी की प्रतिमा को विराजित कर तट का भ्रमण कराया गया। जगह-जगह महिला-पुरुषों ने माताजी के दर्शन कर आशीर्वाद लिए। पंडितों ने तट को प्रदूषण मुक्त रखने का संकल्प श्रद्धालुओं को दिलाया।

आश्रम और मंदिर प्रमुखों ने भी की पूजा
तट पर सुंदरधाम आश्रम, चक्रतीर्थ धाम, एनकाप्स स्थित रेवा मंदिर, दादा दरबार, कल्याणी माई आश्रम, अच्युतानंद आश्रम आदि विभिन्न आश्रमों एवं मंदिर प्रमुखों द्वारा भी नर्मदाजी का पूजन व दुग्धाभिषेक किया गया। सुरक्षा की दृष्टि से तट पर एसडीएम मधुवंतराव धुर्वे, तहसीलदार अवधेश चतुर्वेदी, एसडीओपी निशा रेड्डी, टीआई अजीतसिंह बैंस, सनावद टीआई विनोद सोनी, विद्युत कंपनी के संभागीय अभियंता डीके गांठे मौजूद रहे। घाट पर पटवारी, जनपद कर्मी व चौकीदारों ने भी व्यवस्थाएं संभाली।

हेलिकॉप्टर से पुष्पवर्षा रही आकर्षण का केंद्र
इस साल भी महाआरती के दौरान हेलिकाप्टर से पुष्पवर्षा की गई। आसमान में घूमता हेलिकाप्टर नीचे श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र रहा। महाआरती में करीब तीन बार मंच पर गुलाब के फूलों की बारिश हुई। श्रीश्री 1008 छोटे सरकार ने यह व्यवस्था की थी। फिलहाल वह अमेरिका में है। महाआरती के पहले उन्होंने फोन पर श्रद्धालुओं को संबोधित किया।

सुरक्षा समिति सदस्यों ने संभाली सुरक्षा
टीआई ने बताया सुरक्षा व्यवस्था के लिए अन्य थाना क्षेत्रों से 90 जवान बुलाए थे। तट पर 30 जवानों को तैनात किया गया। इसके अलावा नगर सुरक्षा समिति की महिला सदस्यों ने भी तट पर सेवाएं दी। पर्व को लेकर हाईवे पर यातायात प्रभावित हुआ। पुलिस ने ओंकारेश्वर, खंडवा जाने वाले वाहनों को आम वाले बाबा के पास नहर रास्ते से डायवर्ट कर ओंकारेश्वर रोड पर निकाला।

नर्मदाजी ने किया नौका विहार
राधा कृष्ण मंदिर से पंडित सुभाष व्यास के आचार्यत्व में व्यास बंधु परिवार ने मां नर्मदा की पालकी यात्रा दोपहर 12.30 बजे मंदिर परिसर से निकाली। पालकी को नौका विहार भी कराया गया। इसके बाद पालकी वापस मंदिर पहुंची। पंडित प्रीतेश व्यास ने बताया 1991 से लगातार नर्मदा जयंती पर पालकी यात्रा निकाली जा रही है।

चोर और जेबकतरे सक्रिय रहे
तट पर भीड़ का फायदा चोर व जेबकतरों ने उठाया। दस से अधिक महिला-पुरुषों के पर्स व सोने की चैन चोरी हुई। लोगों ने इसकी शिकायत कंट्रोल रूम में की। पुलिस ने सीसीटीवी कैमरे की मदद से दो संदिग्ध महिलाओं को पकड़ा है।

जगह-जगह बांटी प्रसादी
मेकल सेवा संस्था ने भंडारा कराया। 40 हजार श्रद्धालुओं ने प्रसादी दी।

पैदल मार्ग में 20 से अधिक स्थानों पर पोहा, साबूदाना खिचड़ी, हलवा व जल के स्टाल लगे थे।

तट सहित 10 से अधिक आश्रमों, मंदिरों में भंडारे हुए।

सिटोका
सिटोका में नर्मदाजी को चुनरी ओढ़ाई, हलवे का प्रसाद बांटा

पिपल्या-बुजुर्ग |
नर्मदा किनारे सिटोका में मां नर्मदा को 660 मीटर लंबी चुनरी ओढ़ाई। ग्रामीणों ने 50 किलो हलवे की प्रसादी बांटी। पंडित राधेश्याम पुरे ने पूजा-अर्चना कर नर्मदाअष्टम की आरती भक्ताें के साथ की।

बासवा | जागेश्वर महादेव मंदिर स्थित नर्मदा मंदिर में रविवार को नर्मदा जयंती मनाई। 25 किलो घी की हलवा प्रसादी बांटी गई। सुबह पंडित कृष्णराव कानूनगो ने नर्मदाष्टक का पाठ किया। शाम 6 बजे तक पूजन चला। ग्रामीणों ने मां नर्मदा की काकड़ा आरती की।

मर्दाना
मर्दाना में चुनरीयात्रा निकाली

बेड़िया |
मर्दाना में नर्मदा जयंती ग्रुप ने चुनरी यात्रा निकाली। यात्रा गावं के मुख्य मार्गों से होते हुए नर्मदा तट पहुंची। पूजा-अर्चना कर मां नर्मदा को चुनरी ओढ़ाई। इसके बाद भंडारा हुआ। गरीब वर्ग की कन्याओं को कपड़े बांटे। शाम 6 बजे आतिशबाजी हुई। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे। रावेरखेड़ी में भी पूजा-अर्चना हुई।

तट पर मौजूद श्रद्धालुओं ने महाआरती में हिस्सा लिया। अंत में दोनों हाथ उठाकर नर्मदाजी के जयकारे लगाए।

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