आतिशबाजी से आकाश रोशन, दीपक से जगमगाई नर्मदा
नर्मदा जल पर तैरते जगमगाते दीपक। आतिशबाजी से आकाश में बिखरी सतरंगी छटा और नर्मदा के जयकारों से गूंजता तट। शुक्रवार शाम 7 बजे भक्ति का यह माहौल नावघाटखेड़ी स्थित नर्मदा तट पर बना। अवसर था मां मेकल सेवा संस्था द्वारा मनाए गए वसंतोत्सव का। तट पर आस्था का यह संगम सबको मंत्रमुग्ध करने वाला था।
वसंती पंचमी को लेकर संस्था सदस्यों ने इस बार भी तट पर भव्य आतिशबाजी की। कार्यक्रम की शुरुआत नर्मदा जयंती महोत्सव को लेकर शाम 7 बजे हुई महाआरती से की गई। संगीतमयी आरती को रवींद्र शर्मा व टीम ने स्वर दिए। सामने बैठे हजारों महिला-पुरुषों ने हाथ उठाकर मात श्री नर्मदे हर के जयकारे लगाए। इसके बाद संस्था के सदस्यों ने श्रद्धालुओं के बीच पहुंचकर वसंतोत्सव मनाया। केसरिया जल से सभी श्रद्धालुओं को तरबतर किया गया। साथ ही गुलाल एवं पुष्प भी उड़ाए गए। रात 9 बजे तक भजन संध्या का रंग जमा। कलाकारों ने एक से बढ़कर एक भजनों की प्रस्तुति दी। श्रोता मंत्रमुग्ध होकर खूब थिरके। तट पर श्रद्धालुओं ने दीपदान किया।
यह होंगे कार्यक्रम
रोजाना दोपहर 3 से शाम 5 बजे तक 9 पंडितों द्वारा नर्मदाजी का सहस्त्रार्चन।
शाम 7 बजे 108 दीपों से महाआरती व भजन संध्या।
14 फरवरी को नर्मदा जयंती पर दोपहर 12 बजे महाआरती।
जयंती पर विमान से पुष्पवर्षा होगी। इसके बाद भंडारा होगा।
नर्मदा जयंती महोत्सव
नर्मदा जयंती महोत्सव पर महाआरती में शामिल श्रद्धालु।
नावघाटखेड़ी क्षेत्र के नर्मदा तट पर 108 दीपों से आरती की गई।
नर्मदा तट पर रात को भक्तों द्वारा दीपदान किया गया।