‘आत्म ज्ञान से ही मानव का कल्याण’
‘आत्म ज्ञान से ही मानव का कल्याण’
धामनोद| सतपालमहाराज की शिष्या कौशकीबाईजी ने एक कार्यक्रम में सैकड़ों श्रद्धालु को संबोधित किया। कहा यह मानव जीवन सर्वश्रेष्ठ जीवन है। इस योनी में ही तत्वदर्शी आत्मानुभवी संतों द्वारा उस परम पिता परमेश्वर को जान कर अपनी आत्मा का कल्याण कर सकते हैं। जैसे सेब का बीज सेब के अंदर होता है। ठीक वैसे ही हमारे रचनाकार ईश्वर हैं वे भी हमारे अंदर ही हैं। उस परमपिता को हम आत्मानुभवी संतों से जाने। संचालन दिनेश कुमार सोलंकी ने किया। भावसिंह अलावा, नंदराम सोलंकी, दयानंद मुवेल (एडवोकेट), भूपेंद्र बड़ोले, चंदर सोलंकी, महेश सेन एवं कमल भाई उपस्थित थे।