कागजों में सुविधाघर दिखाकर 18 लाख रुपए निकाल लिए
ब्लॉक की 4 पंचायतों ने दो साल में नहीं बनाया एक भी सुविधाघर
भास्कर संवाददाता | सिरपुर
खकनार ब्लॉक की चार पंचायतों ने दो साल में स्वच्छ भारत मिशन योजना में जनपद को गुमराह कर 18 लाख रुपए खातों से निकाल लिए। इन पंचायतों ने गांव में सुविधाघर बनवाने के लिए रुपए लिए। लेकिन सुविधाघर केवल कागजों में बनाए। जमीनी हकीकत कुछ और है। गांवों में दो साल से एक भी सुविधाघर नहीं बना है। दिखावे के लिए इन पंचायतों इस साल से सुविधाघर बनाना शुरू किए हैं। वह भी केवल 10 फीसदी बनाए हैं।
जानकारी के मुताबिक खकनार ब्लॉक की आमगांव, सांडस, डवालीकलां, डवालीखुर्द को 2013-14 और 2014-15 में स्वच्छ भारत मिशन में सुविधाघर बनाने के लिए राशि दी थी। इसमें आमगांव को 50, सांडस को 60, डवालीकलां को 45, डवालीखुर्द को 45 सुविधाघर बनाने का लक्ष्य दिया था। इसके लिए पंचायतों को एक सुविधाघर बनाने के लिए 9 हजार रुपए दिए। यानी आमगांव को 4 लाख 50 हजार रुपए, सांडस को 5 लाख 40 हजार रुपए, डावालीकलां को 4 लाख 5 हजार और डवालीखुर्द को 4 लाख 5 हजार रुपए मिले थे। लेकिन तत्कालीन सरपंच और सचिव ने गांव में इस राशि से एक भी सुविधाघर नहीं बनाया। वर्तमान में सन 2015-16 में नए लक्ष्य पर यहां सुविधाघर बनना शुरू हुए। यह भी 10 फीसदी ही बने हैं।
जांच कर होगी कार्रवाई
समन्वयक अफसर दीपक खेड़े ने बताया चारों पंचायतों के खिलाफ शासकीय मामलों के तहत कार्रवाई की जाएगी। पूर्व सरपंचों और सांडस सचिव हीरालाल नाइके, डवालीखुर्द सचिव प्रकाश पवार, आमगांव सचिव मनोज काजले, डवालीखुर्द के अशोक वानखेड़े के खिलाफ जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
वर्तमान साल में पंचायतों में सुविधाघर निर्माण अधूरे पड़े हैं।