लक्जरी कार से महंगी बिकी घोड़ी
चांदनीको रोजाना 5 किलो चना, तीन अंडे, घी ट्रायफूट में बादाम, दो लीटर दूध की डाईट है। चांदनी की चमक कायम रखने के लिए शैंपू से नहलाकर तेल की मालिश की जाती है।
15 लाख रुपए में चांदनी नाम की घोड़ी खरीदी।
दीप चौरे/ रमाकांत जायसवाल| खेतिया (बड़वानी)
महाराष्ट्रके नंदुरबार जिले के सारंगखेड़ा के घोड़ा मेले में रविवार को लक्जरी कार से महंगी यूपी की चांदनी नामक घोड़ी बिकी। सिडान, टाटा हुंडई, मारुति सहित अन्य नामी कंपनियों के लग्जरी कार सेगमेंट से ज्यादा मंहगी बोली लगी। इसे 15 लाख रुपए में महाराष्ट्र के केसरी पुरस्कार से सम्मानित राहुल ने खरीदी। मेले में पहली बार इतनी महंगी कीमत में घोड़ी बिकी है। नगर से करीब 35 किमी दूर दत्त जयंती से 15 दिनों तक चलने वाला घोड़ा मेला देशभर में प्रसिद्ध है। जहां फिल्मी दुनिया से जुड़े लोग सहित देशभर से घोड़ा व्यवसायी शौकीन यहां पहुंच रहे हैं। शेष-पेज 3 पर
करीब20 एकड़ के क्षेत्र में फैले मेले में करीब 2 हजार घोड़े बिकने के लिए पहुंचे हैं।
कृषि बाजार समिति शहादा के सचिव संजय चौधरी ने बताया रविवार तक 88 लाख 85 हजार रुपए में अब तक 356 घोड़ा-घोड़ी बिक चुकी है। इसमें सबसे अधिक 15 लाख रुपए में चांदनी नाम की घोड़ी बिकी है। इतनी कीमत में अब तक कोई भी घोड़ा आज तक नहीं बिका है। यह सबसे ऊंची कीमत वाली घोड़ी है। यह घोड़ी उत्तर प्रदेश के धोरातोंडा निवासी खालिद भाई अब्बदुल करीम लाए थे। जो महाराष्ट्र केसरी पुरस्कार से सम्मानित लोणीकालमोर तहसील हवेली जिला पूना के राहुल रामचंद ने खरीदी।
ऐसी है कद-काठी
65 इंच ऊंचाई।रंग सफेद नाम चांदनी। उम्र एक साल।
इसके पहले 11 लाख रुपए थी घोड़ी की कीमत
श्री चौधरी ने बताया मेले में इससे पहले वर्ष 2006 में 7 लाख 2013 में 11 लाख रुपए में सबसे अधिक कीमत में घोड़े बिके हैं। इस बार इससे भी अधिक कीमत में घोड़ी बिकी है। इसके साथ ही मेले में एकमुखी दत्त मंदिर में दर्शनों मन्नत के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ रही है।