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युवा व्यसन-फैशन छोड़ें माताएं बच्चों को सिर्फ अपना दूध पिलाएं
युवा व्यसन-फैशन छोड़ें माताएं बच्चों को सिर्फ अपना दूध पिलाएं
निमाड़मालवा के 100 से अधिक संतजन भी शामिल हुए। कुछ ने मंच से समाज को दिशा दी। उन्होंने नर्मदा गाय का महत्व बताया। संत उत्तम स्वामी ने कहा, संत, पंथ, मंत्र ग्रंथ की हमारी परंपरा रही है। उनके सानिध्य में हिंदू समाज सुरक्षित है। बालमुरारी बापू ने गो, गंगा गौरी को धरोहर बताते कहा, हम गाय को भूल गए। घर में विदेशी कुत्ते ले आए हैं। बच्चों को गाय की शिक्षा देने की बजाय उन्हें पढ़ा रहे हैं- काऊ इज एनिमल। बच्चे गाय को महज जानवर मान रहे हैं। समाज गाय के महत्व को बच्चों को बताएं। उस रोटी खिलाएं। रोटी खुटेगी (कम) नहीं। ओंकारेश्वर की हेमलता दीदी ने कहा, युवा व्यसन फैशन छोड़ दे। वे बर्बाद हो रहे हैं। माताएं बच्चों को सिर्फ अपना या गाय का ही दूध पिलाएं। अन्य नहीं। ऐसा करने से बच्चे बड़े होकर पशुवत व्यवहार कर रहे हैं। मंच के अलावा नीचे भी बड़ी संख्या में अतिथि बतौर संत समाज मौजूद था। संत गोपालकृष्ण महाराज ने धर्मरक्षकों से राष्ट्र धर्मरक्षा में आगे आने का आग्रह किया। इसके बाद आरएसएस प्रमुख डॉ मोहनराव भागवत ने संबोधित किया। डॉ भागवत का महेंद्र सुराणा दंपती, मस्तराम पंवार ने साफा बांधकर तीर-कमान सौंपकर अगवानी की। संचालन भागवत कथा वाचक श्याम मनावत ने किया। इस दौरान क्षेत्र संघचालक अशोक सोहनी, क्षेत्र प्रचारक रामदत्तजी, प्रचार प्रमुख नरेंद्र जैन आदि मौजूद थे। मंच के पीछे नर्मदा मां अहिल्या उनके महेश्वर स्थित किले का फोटो से सजाया गया।