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महिला घाट के पास टावर क्रेन पलटी

5 वर्ष पहले
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नर्मदा तट पर घाटों के संरक्षण व संवर्धन के लिए जल संसाधन विभाग द्वारा मरम्मत के लिए लाई गई टावर क्रेन शनिवार को सुबह 9 बजे महिला घाट के पास पलट गई। दुर्घटना में किसी को भी चोट नहीं लगी।

नर्मदा के जल के अंदर सीमेंट ब्लाक को उतारने के लिए टावर क्रेन को महिला घाट के पास ले जाया जा रहा था। मशीन को घाट पर पानी के समीप उतारने के लिए सीमेंट ब्लॉक व मिट्टी से अस्थायी रास्ता बनाया गया था। इस रास्ते से मशीन को घाट की ओर ले जाने के दौरान सीमेंट के ब्लाक में खाली जगह में मिट्‌टी दरक गई। इससे मशीन एक ओर झुककर नदी की ओर पलट गई। घटना की जानकारी लगते ही जल संसाधन विभाग के एसडीओ रमेश चौहान, उपयंत्री सीएम राजवैद्य सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी पहुंचे। टावर क्रेन को 2 अन्य क्रेनों की मदद से उठाया गया। दोपहर में कलेक्टर नीरज दुबे ने घाट पर पहुंचकर मशीन चालक नरबेराम से जानकारी ली। उन्होंने मशीन उतारने के पहले मुरुम रैम्प की जांच व मशीन काे सावधानी से नीचे उतारने की बात कही। टावर क्रेन घाट से पलटी, उस समय घाट पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे। कई महिला-पुरुष व बच्चे नर्मदा स्नान कर रहे थे। घाट पर नाव लेकर बैठे संतोष केवट व शेरू केवट ने टावर क्रेन को उतारते देख श्रद्धालुओं को मौके से हटाया। लोगों को दूर करने के कुछ मिनट बाद ही हादसा हो गया। लोगों को मौके से नहीं हटाया जाता तो हादसे की आशंका थी।

घाट पर निर्माण कार्यों का जायजा लेते कलेक्टर नीरज दुबे।

नर्मदा तट पर दुर्घटनाग्रस्त टावर क्रेन।

घाट पर लोहे की चेन व बोर्ड लगेंगे
कलेक्टर नीरज दुबे ने निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। एसडीएम बीएस साेलंकी, जलसंसाधन विभाग एसडीओ चौहान, उपयंत्री राजवैद्य आदि से जानकारी ली। कलेक्टर ने काशी विश्वनाथ घाट पर निर्माण कार्यों का निरीक्षण कर अधिकारियों से नदी में उतारे जा रहे सीमेंट ब्लाकों की जानकारी भी ली। एसडीओ चौहान ने बताया मशीन से अब तक घाट पर 100 सीमेंट ब्लाक उतारे जा चुके हैं। 100 घनमीटर अंडर वाटर कांक्रीट हो चुका है। घाट पर 86 मीटर में काम होगा। 54 मीटर लंबाई के खतरनाक घाट पर 400 सीमेंट ब्लाक व लगभग 400 से अधिक घनमीटर अंडर वाटर कांक्रीट कार्य हो चुका है। कलेक्टर ने गोताखोर को नदी में घाट से 10 फीट आगे तक पैदल जाने को कहा। कलेक्टर ने घाटों पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए नदी में पाइप के साथ लोहे की चेन लगाने की बात भी कही। साथ ही नगर के प्रसिद्ध मंदिरों व ऐतिहासिक स्थलों के बोर्ड भी लगाए जाएंगे।

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