नर्मदा तट पर कमल के आकार में मंदिर बनाया
नर्मदा किनारे संत ओमानंद महाराज ने निजी भूमि पर कमल के फूल जैसा मंिदर बनाया है। नौ क्रिस्टल की आकृति है। जहां से प्रकाश मंिदर मंे आता है। गायत्री मंिदर परिसर सोलर सिस्टम से रोशन होगा। नगर से दूर नर्मदा तट पर यहां विद्युत कनेक्शन नहीं होने से मंिदर परिसर मंे सोलर लाइट लगाए गए है।
नगर से 2 किमी दूर स्थित मंिदर में पांच दिनी प्राण प्रतिष्ठा पर्व मंगलवार से शुरू हुआ। दाेपहर सवा 1 बजे मां नर्मदा संस्कृत पाठशाला के 11 ब्राह्मणांे ने आचार्य पं. विनायक शास्त्री व पं. दिलीप सोहनी के मार्गदर्शन मंे संकल्प दिलाया। मंिदर के प्रेरणास्त्रोत व ब्रह्मलीन संत शिव चैतन्य ब्रह्माचारी के शिष्य संत ओमानंद शर्मा की उपस्थिति में गणेश पूजन कर दसविधि स्नान, हिमाद्री कार्यक्रम हुआ। पं. गाेविंद चतुर्वेदी ने बताया बुधवार को गणपति पूजा कर 11 कन्याओं द्वारा कलश यात्रा निकाली जाएगी। गुरुवार को देवता स्थापन, जलाधिवास, पुष्पादिवास, अन्नाधिवास व हवन शुरू होगा। 12 फरवरी को भगवान व माताजी को फलों मंे शयन करवाया जाएगा। मुख्य हवन व पूजन कार्यक्रम संपन्न होगा। 13 फरवरी को सूर्याेदय मंे मंिदर में मूर्ति स्थापन कार्यक्रम होगा। मंिदर परिसर मे 16 ब्राह्मणों की उपस्थित में 5 दिनी पूजन व सवा लाख गायत्री मंत्र जाप होगा। इस दौरान मुख्य यजमान सर्व ब्राह्मण समाज अध्यक्ष सुरेश जोशी मौजूद रहेंगे।
10 एकड़ में गुरुकुल व दवाई वितरण केंद्र बनेगा
मंिदर परिसर के आसपास 10 एकड़ भूमि में बगीचा, गुरुकुल व दवाई वितरण केंद्र बनाया जाएगा। संरक्षक संत ओमानंद ने बताया केंद्र से नि:शुल्क दवाई का वितरण होगा। मंिदर से जुडे़ राधेश्याम शर्मा, पुष्पेंद्र बनोतिया व पं. दिलीप तिवारी इसमें सहयोग दे रहे हैं।
परिक्रमावासियों के लिए है सदाव्रत का स्थान
ओमानंद महाराज ने बताया ब्रह्मलीन संत ब्रह्माचारी महाराज के आदेश पर इस मंिदर का निर्माण कराया गया है। मंिदर के अलावा परिसर मंे सदैव परिक्रमावासियों और साधुसंतों के लिए सदाव्रत स्थान बनाया है। यहां साधु-संतों के आवास व भोजन के साथ ही यज्ञशाला में हवन-पूजन भी किया जा सकेगा। लगभग 2 एकड़ भूमि में इस धार्मिक स्थान पर शिवलिंग की स्थापना भी होगी। महाराजश्री ने बताया तीन वर्ष पूर्व मंिदर निर्माण शुरू किया गया। इसमें इंदौर के आर्किटेक्ट इंजी. सीएम पंवार ने निशुल्क सेवा दी।
नर्मदा तट पर कमल के आकार में बना गायत्री मंिदर।
मंिदर में प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम में जुटे पंिडत।