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अधिकारियों को नहीं मिला अवैध उत्खनन, खेत में रखी मशीन जब्त

5 वर्ष पहले
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सिंध नदी किनारे बसे दबरासानी गांव के पास राजस्व टीम ने की कार्रवाई

भास्कर संवाददाता | करैरा

अनुभाग क्षेत्र में अवैध रेत उत्खनन की शिकायत पर गुरुवार को एसडीएम संजीव जैन और एसडीओपी चंद्रभान सिंह रघुवंशी के सयुंक्त नेतृत्व में राजस्व पुलिस टीम ने सिंध नदी किनारे बसे गांव दबरासानी के पास उस जगह पर छापामार कार्रवाई की जहां सिंध नदी में पनडुब्बी डालकर रेत का अवैध उत्खनन किया जाता है। लेकिन वहां पहुंचे अधिकारियों को उस वक्त निराशा हुई जब मौके पर रेत का उत्खनन होते नहीं मिला। नदी किनारे निकली गई रेत का ढेर जरूर मिला, वहीं नदी में 3 पनडुब्बी भी मिली जो की भितरवार तहसील क्षेत्र में होने के कारण व बंद होने के कारण प्रशासन पनडुब्बियों पर कोई कार्रवाई नहीं कर सका। केवल मौके पर रेत के ढेर की जब्ती बनाकर गांव के सरपंच के परिवार के व्यक्ति राजेन्द्र रावत के सुपुर्द कर दी।

एलएनटी मशीन जब्त

कार्रवाई करने पहुंचे अधिकारियों को मौके पर जब कारोबार होते नहीं मिला तो कुछ लोगों की निशान देही पर एक खेत पर रखी एलएनटी मशीन को जब्त कर लिया है। उत्खनन काम न करने के बाद भी मशीन की जब्त करने की कार्रवाई के पीछे अधिकारियों का तर्क है की मशीन भले ही उत्खनन न कर रही हो लेकिन उसके वहां होने का उद्देश्य तो वही था। इसलिए मशीन को जब्त किया है।

प्रतिबंध के बाद भी बोर, मशीन जब्त
अवैध रेत खनन पर कार्रवाई कर लौट रहे एसडीएम संजीव जैन की नजर सड़क किनारे एक खेत में हो रही बोरिंग पर पड़ गई। चूंकि जिले में इन दिनों नलकूप खनन पर प्रतिबंध लगा हुआ है, इसलिए एसडीएम ने नलकूप खनन में लगी मशीन को जब्त करने की कार्रवाई के निर्देश तहसीलदार को दिए। खेत मालिक रामबाबू रावत का कहना था कि उसे प्रतिबंध की जानकारी नहीं थी।

कारोबारी की शिकायत पर अवैध उत्खनन के खिलाफ हुई कार्रवाई
आज अवैध रेत उत्खनन के कारोबार को लेकर जो कार्रवाई हुई है उसके बारे में खबर है की रेत के कारोबार से ही जुड़े एक कारोबारी के कहने पर हुई है, जो खुद इस जगह काम करना चाहता है। लेकिन वर्तमान में जो लोग यहां कारोबार कर रहे है वह पावरफुल बताए जा रहे हैं। इसलिए यह कार्रवाई हुई। हालांकि प्रशासन इस कार्रवाई को खुद की कार्रवाई कह रहा है।

खबर लीक होने से छापामार कार्रवाई में मिली हताशा
प्रशासन को आज हुई छापामार कार्रवाई में असफलता का जो कारण जो सामने आया वह रेत कारोबार से जुड़े माफियाओं का मजबूत नेटवर्क रहा। जैसे ही प्रशासन की बत्ती लगी 5 गाड़ियां जाते दिखी तो हलचल शुरू हो गई और जहां से यह वाहन निकलते वहां खड़े कुछ लोगों के फोन चालू हो जाते। जब तक अधिकारी वहां पहुंचे, मैदान साफ मिला।

यहां हो रहा है रेत का अवैध कारोबार
करैरा, नरवर के कई स्थान ऐसे हैं जहां रेत का अवैध कारोबार हो रहा है। इसमें जेतपुर, लमकना, अंडोरा, कल्याणपुर आदि ग्राम शामिल हैं। इसके अलावा नदी क्षेत्र से लगे अनेक मजरा टोला भी हैं, जहां रेत के अवैध उत्खनन का काला कारोबार हो रहा है।

आगे भी होती रहेगी कार्रवाई
मुखबिर की सूचना पर यह कार्रवाई की गई। चूंकि कारोबारियों का अपना नेटवर्क है इसलिए उन्हें सूचना मिल गई होगी और उन्होंने मौके से मशीनें हटा दी। हमने मौके के पास से मशीन जब्त की है। अवैध उत्खनन के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। संजीव जैन, एसडीएम करैरा

यह पहला प्रयास है

संयुक्त कार्रवाई में आज पहला प्रयास किया गया। हालांकि मौके पर कारोबारी नहीं मिले। लेकिन छापामार कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। सीबीएस रघुवंशी, एसडीओपी करैरा

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