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नयागांव में बालक नाद में युवक की मौत

7 वर्ष पहले
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पिछोर के ग्राम नाद में दो दिन में पांच मौत, बीएमओ ने बताए अलग कारण

भास्करसंवाददाता| पिछोर/नरवर

जिलेके अंचल में बीमारी मौत बनकर टूट रही है। नरवर के नयागांव में सोमवार की सुबह एक चार साल के बालक ने बीमारी के चलते सरकारी अस्पताल में दम तोड़ दिया, वहीं पिछोर के नाद गांव में रहने वाले एक युवक ने भी तेज बुखार के बाद आए तेज झटके के बाद मौत हो गई। नाद में तो दो दिन के अंदर पांच लोगों की मौत हो गई, जिनमें से तीन के अलग-अलग कारण तो बीएमओ ने बताए, लेकिन पांचवीं मौत की जानकारी उन्हें नहीं थी।

पिछोर से 8 किमी दूर नाद गांव में रहने वाले महेंद्र (18) पुत्र हुरी आदिवासी को तेज बुखार आने के साथ ही उसने तड़प-तड़प कर दम तोड़ दिया। इसके कुछ देर बाद गांव में सीताराम (40) पुत्र हरप्रसाद लोधी की भी लाश आई। बताते हैं कि वो छतरपुर में इलाज करा रहा था, जहां उसकी मौत हो गई। इसी गांव में रहने वाली बारी (60) प|ी सुखलाल आदिवासी, गंजोबाई (87) प|ी जुग्गा आदिवासी एवं बिस्सीराम आदिवासी के एक वर्षीय पुत्र राममिलन की रविवार को मौत हो गई। वहीं नयागांव निवासी मंजेश (5) पुत्र राजू प्रजापति, की रविवार की रात लगभग 3 बजे हालत एकाएक बिगड़ गई। उसे छाती पेट में दर्द के अलावा बुखार भी गया। गांव के रोजगार सहायक पुष्पेंद्र राजपूत ने अपनी बाइक देकर राजू को नरवर अस्पताल पहुंचाया। बकौल पुष्पेंद्र, सुबह सात बजे नरवर बीएमओ ने बालक को जब देखा तो उसे मृत घोषित कर दिया।

हेल्थटीम ढूंढती रही डेंगू के मरीज, मौत की खबर नहीं: ग्रामपंचायत नंदपुर का ही गांव नयागांव है, जो पास में ही है। नंदपुर गांव में रहने वाला मनोज उर्फ लालू (13) पुत्र कल्याण ओझा, इन दिनों ग्वालियर में भर्ती है और जांच में उसे डेंगू निकला है। नंदपुर में डेंगू का एक मरीज चिह्नित होने के बाद सोमवार को सीएमएचओ डॉ. एलएस उचारिया के साथ ग्वालियर मेडिकल कॉलेज की टीम गांव में सैंपलिंग करती रही। चूंकि बच्चे की मौत पड़ोस के नयागांव में हुई थी, इसलिए उन्हें उसका पता ही नहीं चल सका।

पिछोर के ग्राम नाद में हुई बच्चे की मौत के बाद गमगीन परिजन।

युवक को छोड़ अलग कारणों से हुई मौत

Ãनादमेंसीताराम की मौत टीबी से हुई, गंजोबाई बारी बाई आदिवासी अधिक वृद्ध थीं। वहां महेंद्र ने सोमवार को बुखार से दम तोड़ा है। वो दिल्ली में काम करता था और 18 तारीख को गांव आया था। हमने