1.8 करोड़ से संवारा जाएगा ऐतिहासिक छोटा तालाब
मुख्यमंत्री झील संरक्षण योजनांतर्गत प्रशासकीय तकनीकी स्वीकृति के साथ मिली 40 लाख की पहली किस्त
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ऐतिहासिक नगरी नरवर में पुरानी जल संरचनाओं के विलोप होने से जल संकट गहराने की आशंका बढ़ गई है। मप्र शासन की खेल एवं युवा कल्याण मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया के मार्ग दर्शन में नरवर नगर परिषद को मुख्यमंत्री झील संरक्षण योजना अंतर्गत छोटा तालाब पर्यावरण संवर्धन एवं संरक्षण हेतु 108.74 लाख की प्रशासकीय एवं तकनीकी स्वीकृति प्रदान की गई है। जिसके तहत नगर परिषद को प्रदेश शासन द्वारा जारी 40 लाख रुपए की प्रथम किस्त से छोटे तालाब का जीर्णोद्धार किया जाएगा। नगर परिषद द्वारा उक्त कार्य के टेंडर भी आमंत्रित किए जा चुके है।
नप अध्यक्ष डॉ. मनोज माहेश्वरी ने बताया कि शासन से मिलने वाली राशि से पर्यावरण संवर्धन एवं संरक्षण के अंतर्गत जल संरचनाओं का विकास, पुरानी संरचनाओं का संरक्षण, नवीन स्ट्रेक्चर का निर्माण, सौन्दर्यीकरण कार्य एवं पर्यटकों को आकर्षित करने हेतु पर्यटन घटक आदि के कार्य भी किए जाएंगे। उक्त योजना पूर्ण होने पर छोटा तालाब अपने पुराने स्वरूप में तो आएगा ही, साथ ही नगर के लिए पर्यटन की दृष्टि से भी यह एक महत्वपूर्ण स्थल होगा। जीर्णोद्धार में तालाब के पार की ऊंचाई बढ़ाने से जल संग्रहण क्षेत्र भी बढ़ेगा जिससे नगर के अन्य जल स्रोतों में भी वृद्वि होगी। उन्होंने बताया कि छोटा तालाब क्षेत्र में बच्चों के मनोरंजन हेतु पार्क भी विकसित किए जाएंगे।
24 महीने में तालाब के जीर्णोद्धार का पूरा होगा काम
परिषद को मिल चुकी हैं 40 लाख की पहली किस्त
मप्र शासन की खेल युवा कल्याण मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया के मार्ग दर्शन में किए गए अथक प्रयासों से नगर परिषद को मुख्यमंत्री झील संरक्षण योजना में छोटा तालाब को शामिल किया गया है। तालाब को संवारने के काम पर 108 लाख खर्च किए जाएंगे। योजनांतर्गत पहली किस्त 40 लाख रुपए शासन से नगर परिषद को मिल चुकी है। डॉ. मनोज माहेश्वरी, अध्यक्ष नगर परिषद नरवर
नगर परिषद अध्यक्ष डॉ. माहेश्वर ने बताया कि मुख्यमंत्री झील संरक्षण योजना के तहत नगर परिषद को 40 लाख रुपए मिल चुके हैं। इसके साथ ही नप ने टेंडर भी जारी किए गए हैं। ऐतिहासिक छोटे तालाब को संवारने के इस काम को संबंधित निर्माण एजेंसी या फिर ठेकेदार को 24 महीने में पूरा कराने का समय दिया गया है। इसके साथ ही पास ही में पार्क भी बनवाया जाएगा।
वर्तमान में अनदेखी के कारण तालाब सूख रहा है और यहां साफ-सफाई की व्यवस्था भी नहीं की गई है। तालाब का जीर्णोद्धार होने के यहां क्षेत्र के लागों के अलावा सैलीनी भी आएंगे।
तालाब के पास ही बनाया जाएगा पार्क
नगर के छोटा तालाब को मुख्यमंत्री झील संरक्षण योजना में शामिल किए जाने से इस तालाब पर पार्क भी बनाया जाएगा जो लोगों के आकर्षण का केंद्र होगा। पार्क क्षेत्र में एक पर्यटक घटक का निर्माण भी कराया जाएगा जिससे यहां आने वाले पर्यटकों को लाभ होगा।
नगर के छोटा तालाब को मुख्यमंत्री झील संरक्षण योजना में शामिल किए जाने से तालाब को न केवल संवारा जाएगा, बल्कि तालाब के आसपास किए अतिक्रमण भी हटाए जाएंगे। ऐतिहासिक धरोहर के आसपास से अतिक्रमण हटाए जाने से क्षेत्र का पर्यावरण बेहतर होगा, साथ ही तालाब क्षेत्र में लगातार बढ़ते अतिक्रमण से भी छुटकारा मिल जाएगा।