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कृमि शरीर के पोषक तत्व खाते हैं

6 वर्ष पहले
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वेल्फेयर सेंटर एरिया में सामुदायिक स्वास्थ केंद्र प्रभारी डॉ. केसी खरे ने कहा

कार्यशाला

बैठक के दौरान उपस्थित कर्मचारी।

भास्कर संवाददाता|नेपानगर

वेल्फेयरसेंटर एरिया में शनिवार को नेशनल डी-वार्मिंग डे को लेकर कार्यशाला हुई। सामुदायिक स्वास्थ केंद्र प्रभारी डॉ. केसी खरे ने कर्मचारियों को कृमि पर जानकारी दी। उन्होंने कहा कृमि परजीवी होते है। जो भोजन और जीवित रहने के लिए मनुष्य की आंतों में रहते है। कृमि मानव शरीर के जरुरी पोषक तत्वों को खाते है। जिससे खून की कमी, कुपोषण और वृद्धि में रुकावट होती है। कृमि संक्रमण अस्वच्छता के कारण होती है। इनका संचरण संक्रमित मिट्टी से होता है। 10 फरवरी से डी-वार्मिंग डे पर कार्यक्रम होंगे। डॉ. खरे ने बच्चों को कर्मचारियों को कृमि के लक्षण और उससे बचाव के तरीके बताए। इस दौरान सीवल स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी डॉ. फईम अंसारी, नावरा संकुल प्राचार्य उदयसिंह जाटव, सुपरवाइजर महेश मेहरा, सुभाई उईके, कमलेश चोपड़ा सहित अन्य मौजूद थे।

डॉ. खरे ने बताया 10 फरवरी को 1 से 19 साल के सभी बच्चे (नामांकित और गैर-नामांकित दोनों) सालाना तौर पर सभी स्कूल और आंगनवाड़ी केंद्रों में कृमि संक्रमण का इलाज कराए। सीवल के स्वास्थ्य केंद्र में भी दोपहर तीन बजे से डी-वार्मिंग डे -डे के तहत बैठक हुई। केंद्र प्रभारी डॉ. फईम अंसारी ने कर्मचारियों को काम संबंधित दिशा-निर्देश दिए। इस दौरान कर्मचारियों को संबंधित दवाइयां और प्रचार सामग्री का वितरित की गई। यहां हैदरपुर, सीवल सेक्टर के सभी महिला और पुरुष स्वास्थ्य कार्यकर्ता उपस्थित थे।

ऐसेकरें बचाव

{खाना खाने से पहले और शौच के बाद नियमित हाथ धोए।

{ स्वच्छ सुविधाघर का उपयोग करें।

{ जूते, चप्पल पहने।

{ शुद्ध और साफ पानी पीए।

{ भोजन को अच्छी तरह पकाए।

{ फल, सब्जी, सलाद को सुरक्षित और साफ पानी से धोए।

{ नाखून साफ और छोटे रखे।