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तीसरे दिन भी किसान को दिखा तेंदुआ, सर्चिंग करने पहुंचा अमला

7 वर्ष पहले
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ग्रामरतागढ़ में रविवार दोपहर फिर खेत में किसान मुनसिंह चैनसिंह को तेंदुआ दिखा। किसी तरह जान बचाकर किसान गांव की ओर दौड़ पड़ा। ग्रामीणों के साथ खेत लाैटा तो तेंदुआ नहीं मिला। तीसरे दिन भी ग्रामीणों में दहशत का माहौल रहा। शाम 5 बजे वन विभाग का अमला बोरसल पहुंचा। अफसरों ने ग्रामीणों से पूछताछ कर खेतों में सर्चिंग की।

मिथुन कैलाश को शनिवार को खेत में तेंदुआ दिखा था। अफसरों ने मिथुन के खेत में जाकर सर्चिंग की। यहां वन अफसरों को तेंदुआ के पंजों के निशान मिले। उन्होंने मोबाइल के कैमरा में पंजों के फोटो लिए। पंजों की साइज से अफसरों ने तेंदुए की उम्र 3 साल और ऊंचाई करीब 2.5 फीट बताई। वन अमले ने करीब दो घंटे तक खेतों में सर्चिंग की। सर्चिंग में एसडीओ जेएस भार्गव, रेंजर मेहतुसिंह उइके, वन रक्ष ब्रजेश कुमार शर्मा आए थे।

पिछले दो दिनो से ग्राम रतागढ़ और बोरसल के खेतों में किसानों को तेंदुआ दिख रहा है। ग्रामीणों के मुताबिक पांच से छह पालतु मवेशियों को तेंदुआ निवाला बना चुका है। पूर्व सरपंच रवि अहीरे ने बताया रतागढ़ के कुछ किसानों की बकरियां और पालतु कुत्ते तेंदुए का शिकार हुए है। एसडीओ भार्गव ने बताया कुत्ता तेंदुआ का पसंदीदा भोजन है। इसलिए वह सबसे पहले कुत्तों पर हमला करता है। भूखा तेंदुआ किसी पर भी हमला कर सकता है।

एसडीओ भार्गव ने ग्रामीणों को सावधानी बरतने की हिदायत दी। उन्होंने कहा जहां तक हो दिन में ही खेतों में काम निपटाएं। क्योंकि तेंदुआ शाम के समय ही शिकार ढूंढने निकलता है। तेंदुआ किसी पर अचानक हमला नहीं करता। लेकिन खतरे का अहसास होने पर वह झपट पड़ता है। रात को जरूरत पड़ने पर चार्ट या मशाल के उजाले में खेत जा सकते है। तेंदुए को रोशनी से डर लगता है। वह रोशनी और भीड़ के सामने नहीं आता। ग्रामीण कहीं भी झुंड बनाकर आवाजाही करें। बच्चों को खेतों में बिल्कुल ले जाएं।

दिन में निपटाएं खेतों में काम

तेंदुआ पकड़ने के जिले में नहीं कोई संसाधन

एसडीओभार्गव ने बताया तेंदुआ को पकड़ने के लिए विभाग के पास संसाधन नहीं है। जरूरत पड़ने पर इंदौर विभाग से प्रशिक्षित रेस्क्यू दल के कर्मचारियों को बुलाया जाता है। इंदौर का दल तेंदुआ को उचित स्थान पर ले जाता है। फिलहाल गांव में अब तक एेसी कोई स्थिति नहीं बनी है। ग्रामीणों को उन्होंने पशुओं के नुकसान की जानकारी जुटाकर देने के लिए कहा है। पशुओ