पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • 24 गांव के 235 घरों में बाल पुरोहितों ने महायज्ञ किए

24 गांव के 235 घरों में बाल पुरोहितों ने महायज्ञ किए

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
धर्मऔर संस्कृति की रक्षा को लेकर बाल पुरोहित गांव-गांव में महायज्ञ कर रहे हैं। 12-12 के तीन समूह में ये पुरोहित अलग-अलग गांव में पहुंच रहे हैं। एक गांव के तीन घर में महायज्ञ किया जा रहा है। कुल 36 बाल पुरोहित धर्म की गंगा बहा रहे हैं। डोईफाड़िया क्षेत्र के गांवाें में नवरात्रि के 8 दिन बाल पुरोहित महायज्ञ कर रहे हैं। अब तक 24 गावों के 235 घरों में महायज्ञ किए गए हैं। राजौरा, नांदुरा, सारोला, नेपानगर, महाराष्ट्र के रावेर में भी महायज्ञ किया जा चुका है।

खड़कोद स्थित श्रीराम गुरुकुल के आचार्य सुरेश चौधरी ने बताया यज्ञ के दौरान बाल पुरोहितों द्वारा दक्षिणा के रूप में यज्ञ कर्ता की एक बुराई ली जा रही है। पिछले साल इन बाल पुरोहितों ने इस प्रयास के तहत 368 ग्रामीणों से दक्षिणा के रूप में व्यसन लिए थे। श्री चौधरी ने बताया देव संस्कृति के आधार गौ, गंगा, गीता और गायत्री का महत्व लोगों को बताया जा रहा है। घर-घर में तुलसी रोपण के साथ पर्यावरण संरक्षण के लिए भी लोगों को जागरूक किया जा रहा है। महायज्ञ के दौरान बाल पुरोहितों द्वारा गांव की शांति और विश्व शांति का संकल्प दिलाया जा रहा है। ताजनापुर में महायज्ञ के दौरान दादु महाजन, कमलकिशाेर पटेल, रामू महाजन, राहुल सनासे, आशाराम पटेल, तुलसीराम मावसकर सहित कई ग्रामीण मौजूद थे।

8 से 10 साल के हैं बाल पुरोहित

बाल पुरोहितों की उम्र 8 से 10 साल है। बाल पुरोहित श्रीराम गुरुकुल खड़कोद में शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। गुरुकुल में उन्हें माध्यमिक स्तर की शिक्षा के साथ धर्म और संस्कृति का पाठ भी पढ़ाया जा रहा है। बाल पुरोहित यज्ञ के दौरान भगवा वस्त्र पहनकर मंत्रोच्चार कर रहे हैं। महायज्ञ कराने में खर्च अधिक आता है इसलिए यज्ञ नहीं कराए जाते। लेकिन ये बाल पुरोहित कम खर्च में विधिविधान के साथ महायज्ञ कर रहे हैं। 20 मिनट के यज्ञ के दौरान मंत्र और पूजन-पाठ किया जा रहा है।