दीवारों में दरार, खतरे के बीच पढ़ रहे विद्यार्थी
शिक्षक भी झेल रहे फजीहत जिम्मेदारों का ध्यान नहीं
भास्कर संवाददाता | नेपानगर
नेपानगर क्षेत्र के ग्राम गोराड़िया जाना हो और यहां खस्ताहाल भवन से विद्यार्थियों के पढ़ने की आवाज आए तो चौंकिएगा नहीं। यह जिम्मेदार अफसरों की लापरवाही का नतीजा है। गांव का माध्यमिक स्कूल भवन पूरी तरह से जर्जर हो गया है। दीवारों में इस कदर दरारें पड़ी हैं कि भवन के हर समय धराशायी होने का डर बना रहता है। स्कूल में कक्षा 6वीं से 8वीं तक के 83 विद्यार्थी खतरे के बीच पढ़ रहे हैं। उधर शिक्षक भी हादसे के अंदेशे से डरे-सहमे इन्हें पढ़ा रहे हैं। बावजूद इसके जिम्मेदार अफसर खंडहर हो चुके स्कूल भवन की सुध नहीं ले रहे हैं।
गोराड़िया में माध्यमिक स्कूल भवन 24 साल पहले बनाया गया था। समय-समय पर मरम्मत नहीं कराने और अफसरों की अनदेखी के कारण यह खस्ताहाल होता गया। आज यह खंडहर की तरह नजर आ रहा है। विद्यार्थी और शिक्षक डरे-सहमे स्कूल पहुंच रहे हैं। स्कूल से निकलने के बाद ही वे राहत की सांस ले रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि जर्जर हो चुके स्कूल भवन को लेकर कई बार जिम्मेदार अफसरों से शिकायत की। लेकिन आज तक किसी ने भी सुनवाई नहीं की है। बच्चों के पढ़ने के दौरान भवन की छत से मलबा गिरता रहता है। ऐसे में कभी भी गंभीर हादसा हो सकता है। भवन की जल्द मरम्मत कराई जाना चाहिए।
दो कमरों में लग रही तीन कक्षाएं
शाला प्रबंधन समिति के सदस्यों ने बताया कि स्कूल भवन का निर्माण 1992 में किया गया था। विद्यार्थियों की संख्या के मान से भी अब भवन छोटा पड़ रहा है। यहां दो कमरों में तीन कक्षा लगाई जा रही है। यहां पर कक्षा 6वीं, 7वीं और 8वीं के विद्यार्थियों को एक साथ बैठाकर पढ़ाया जा रहा है। ऐसे में विद्यार्थी ठीक से नहीं पढ़ पा रहे है। वहीं शिक्षकों को भी पढ़ाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्कूल के कार्यालय के लिए भी यहां जगह नहीं है।
6 साल से अधूरा पड़ा दो कक्षों का निर्माण
प्राथमिक स्कूल में विद्यार्थियों के बैठने के लिए बनने वाले अतिरिक्त कक्ष व हेडमास्टर कक्ष का निर्माण 6 साल से अधूरा है। 5 लाख रुपए स्वीकृत होने के बाद भी आज तक कक्षों का निर्माण पूरा नहीं हुआ है। शासन द्वारा अतिरिक्त कक्ष के लिए 2.46 लाख रुपए 2009-10 में व हेडमास्टर कक्ष के लिए 2.64 लाख रुपए 2011-12 में स्वीकृत हुए थे। ग्रामीणों का कहना है। दोनों कक्षों का निर्माण पूरा हो जाता है तो माध्यमिक स्कूल के विद्यार्थियों को यहां बैठाया जा सकेगा।
गोराड़िया के माध्यमिक स्कूल भवन में दरारें पड़ गई है।