रपटों पर जमी काई, फिसलन बढ़ी
निंबोला-खामलारोड के नदी-नालों पर फजीहत पसरी है। इन रपटों की ऊंचाई काफी कम है। बारिश के दौरान नदी-नालों में पानी बढ़ते ही रपटों के ऊपर से पानी बहने लगता है। इस कारण यहां काई और कीचड़ पसरा है। इस कारण यहां फिसलन हो गई है। बाइक सवारों सहित कई लोग यहां गिरकर घायल हो चुके हैं। बड़े वाहन तो यहां से तैसे-तैसे गुजर रहे हैं। लेकिन सबसे अधिक फजीहत बाइक सवारों की हो रही है। रपटे पर काई के कारण बाइक फिसल रही है। उन्हें उतरकर धक्का देते हुए बाइक को पार करना पड़ रहा है। इस कारण भी उनके पैर फिसल रहे हैं।
लोगों ने समस्या के स्थायी निराकरण की मांग की है। बारिश होते ही निंबोला-खामला रोड के नदी-नालों के रपटों पर से पानी बहने लगता है। यह परेशानी हर साल की है। पानी के कारण यहां काई जम जाती है। इस साल भी यही फजीहत हुई है। लोगों का कहना है जबसे बारिश शुरू हुई है हम यहां परेशानी झेल रहे हैं। पूरे बारिश के सीजन हम यहां फजीहत झेलते हैं। लेकिन कोई भी जिम्मेदार परेशानी की ओर ध्यान नहीं दे रहा। बाइक सवार इरफान याकूब ने बताया रपटा पार करते समय काई के कारण बाइक फिसल गई। गिरने के कारण चोट आई है। रामदास बारी ने बताया फिसलन के कारण बाइक सहित गिर गया। इससे कमर में चोट आई है।
इस रोड पर है सैकड़ों वाहनों का आना-जाना
नालों पर बनाए गए रपटों पर काई जमने के कारण वाहन चालक परेशान हो रहे हंै।
15 किमी के इस रोड से रोजाना सैकड़ों वाहनों की आवाजाही है। टेम्पो, ऑटो, जीप, बाइक सहित कई वाहन यहां से गुजर रहे हैं। रपटों पर फिसलन के कारण लोग परेशानी झेल रहे हैं। समस्या से निजात दिलाने के लिए लोग कई साल से पुलिया बनाने की मांग कर रहे हैं। लेकिन अब तक उनकी सुनवाई नहीं हुई है। रोड के आसपास उगी घास से भी लोग मुश्किल झेल रहे हैं। सामने से आने वाले वाहन को साइड देने के लिए लोग रोड से वाहन उतारने में डर रहे हैं। घास के कारण रोड किनारे के गड्ढे नजर नहीं रहे हैं। लोगों ने समस्या के स्थायी निराकरण की मांग की है।