बाढ़, भूकंप से निपटने के तरीके सिखाए
गुजरात गांधीनगर छठी बटालियन राष्ट्रीय आपदा मोचन बल शनिवार को निंबोला की शासकीय हिंदी प्राथमिक स्कूल पहुंची। यहां उन्होंने ग्रामीण और विद्यार्थियों को भूकंप, सुनामी, चक्रवात, भूस्खलन, बाढ़, आगजनी, रेल दुर्घटना, सड़क दुर्घटना से होेने वाली क्षति को कम करने और बचाव के तरीका बताए।
अंकित शुक्ला ने कहा भूकंप आने के बाद यदि स्कूल में हो तो पहले से निर्धारित करें कि हमकाे किस रास्ते से निकलना है यदि कोई फंस जाता है तो कमरे का किसी कोने में छोटा से छोटा आकार बनाकर बैठ जाए। यदि आपके पास बैग या किताब हो तो सिर के ऊपर रख ले ताकि सिर को ज्यादा नुकसान ना हो तथा मकान भूकंप रोधी बनाने चाहिए। महेश चंद मीणा ने कहा प्राथमिक चिकित्सा उपचार के दौरान जैसे खून को रोकने के चार तरीके बताए यदि हड्डी टूट जाती है। तो उसको अस्पताल जाने से पूर्व व्यवस्थित करना। हार्टअटैक आने के बाद व्यक्ति को 4-6 मिनट के समय में सीपीआर देना। सीपीआर इसलिए दिया जाता है कि क्लीनिक से बायोलॉजिकल डेथ में ना जाए। यदि कोई व्यक्ति कोई वस्तु निगल जाता है। तो उसको निकालने के तरीके बताए। सिर में कोई चोट लग जाती है तो उसका खून कैसे राेके।
बल ने आपदा से निपटने के लिए बच्चों को प्रशिक्षण दिया।