किसान बोले कर्ज चुकाने की अवधि बढ़ाएं
किसान विकास मंच सहित ग्रामीणों ने विधायक से की मांग
भास्कर संवाददाता | निंबोला
किसानों ने खरीफ सीजन में सोयाबीन फसल खराब होने से नुकसान झेला। अब उन्हें रबी की फसल से इसकी भरपाई की उम्मीद है। फसल के लिए प्राथमिक सहकारी संस्थाओं से कर्ज लेने वाले किसान इसे चुकाने की स्थिति में नहीं हैं। हालात से परेशान किसानों और किसान विकास मंच पदाधिकारी, सदस्यों ने विधायक अर्चना चिटनीस से प्राथमिक सहकारी साख संस्थाओं का ऋण चुकाने की अवधि बढ़ाने की मांग की है।
मंच के अध्यक्ष मनोहर चौधरी ने बताया हर साल किसान सेवा सहकारी समितियों से केला फसल के लिए कर्ज लेते हैं। वे यह कर्ज हर साल मई में चुकाते हैं। 10 दिन बाद फिर नया ऋण लेते हैं। लेकिन इस साल सोसायटियों ने कर्ज 28 मार्च तक जमा करने को कहा है। नहीं चुकाने की स्थिति में कर्ज पर ब्याज लगाने की बात कही है।
इस साल कम बारिश होने के कारण सोयाबीन और मक्का फसल खराब हो गई है। केले के भाव 100 से 300 रुपए प्रति क्विंटल तक गिर गए। ऐसे में किसानों की स्थिति मार्च तक ऋण चुकाने की नहीं है। किसानों ने गेहूं, मक्का सहित अन्य रबी की फसल लगाई है। इसका उत्पादन अप्रैल-मई में होगा। इससे किसान कर्ज चुका पाएंगे। इसलिए उन्होंने जून तक समय बढ़ाने की मांग की है।
हर किसान की फसल हुई खराब
किसान राजेश भावसार, विनोद पाटील, माणिकराव पाटील ने बताया इस साल एक भी किसान ऐसा नहीं है जिसकी फसल खराब नहीं हुई हो। किसानों को 10 से 100 फीसदी तक नुकसान हुआ है। जिन किसानों ने सोयाबीन फसल लगाई थी उन्हें सबसे अधिक मुसीबत झेलना पड़ी। नुकसान की भरपाई के लिए किसानों ने रबी सीजन में फसलों की बोवनी की। अब फसल आने के बाद ऋण चुकाने और नुकसान की भरपाई करने का इंतजार कर रहे हैं। ऋण चुकाने की अवधि बढ़ती है तो किसानों को बड़ी राहत मिलेगी।
रबी फसल का उत्पादन लेकर खरीफ सीजन के नुकसान की भरपाई करने के लिए किसान लोन भरने की तिथी बढ़ाने की मांग कर रहे है।