स्कूल में छोटे भवन से बैठने में परेशानी
स्कूल के कमरे में बैठे बच्चे।
अव्यवस्थाओं के बीच चल रहा स्कूल
भास्करसंवाददाता|निवाली
ग्रामीणक्षेत्र में कई स्थानों पर स्कूलों के पुराने भवन छोटे है, तो कहीं पर शौचालय क्षतिग्रस्त है। ऐसे में विद्यार्थियों को हमेशा डर बना रहता है। स्कूल में अव्यवस्थाओं के चलते शिक्षकों विद्यार्थियों को पीने के पानी के लिए परेशान होना पड़ता है। इस संबंध में कई बार वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दी गई लेेकिन इसके बाद भी स्कूलों की व्यवस्थाओं में सुधार नहीं आया है। ऐसे में शिक्षा की गुणवत्ता सुधार पर संशय जताया जा रहा है। विद्यार्थियों के पालकों ने विभाग से स्कूल की व्यवस्थाओं को सुधारने की मांग की है।
शिक्षकों के अनुसार हर संकुल की अधिकतर स्कूलों में शौचालय पीने के पानी की समस्या है। भवनों की जर्जर स्थिति के चलते स्कूलों का संचालन किया जा रहा है। गुमड़िया बुजुर्ग के स्कूल फलिया स्थित प्रावि स्कूल में दो कमरे है। इसमें करीब 90 विद्यार्थी बैठते हैं। शौचालय क्षतिग्रस्त हो चुका है। नरगांवे फलिया स्थित प्रावि, वझर संकुल के पुलिया फलिया स्थित प्रावि भारुड़ फलिया स्थित शौचालय भी क्षतिग्रस्त है। बैठक व्यवस्था की समस्या को दूर करने के लिए अतिरिक्त कक्षों का निर्माण होना था। कई स्कूलों में अतिरिक्त कक्षों का काम अधूरा है तो कहीं पर निर्माण पूरा होने के बाद भी हैंडओवर नहीं किया है। साथ ही कई स्थानों पर लोगों ने डेरा जमा रखा है। जनशिक्षक, बीआरसी अफसर निरीक्षण के लिए तो आते हैं लेकिन उन्हें यह समस्या दिखाई नहीं देती है। कार्रवाई के भय से शिक्षक समस्याओं से अफसरों को अवगत नहीं कराते हैं।
^पीएचईविभाग के वरिष्ठ अफसरों से ट्यूबवेल में पाइप बढ़ाने की सूचना दी गई है। चुनाव के बाद इस काम को पूरा करने की बात कही गई है। बाबूरावदिवाकर, प्रभारी प्राचार्य वझर हाईस्कूल
^अतिरिक्तकक्षों के साथ क्षतिग्रस्त शौचालयों को सुधार करने के निर्देश स्कूल प्रबंधन को दिए है। जल्द ही सुधार किया जाएगा। -पीसीशर्मा, संकुल प्राचार्य, कन्या उमावि निवाली