आग से गेहूं की गरी जली, फूट-फूट कर रोया किसान परिवार
इधर, घर के बाहर सो रहे दंपती पर हमला किया
पति की आंत आई बाहर, सिर में पत्थर लगने से प|ी भी घायल
भास्कर संवाददाता | सेंधवा/चाचरिया
शहर से करीब 35 किमी दूर स्थित आमझिरी में मंगलवार रात करीब 1 बजे तीन-चार अज्ञात लोगों ने घर के बाहर सो रहे पति-प|ी पर धारदार हथियार और पत्थर से हमला कर दिया। पति को पेट में चोट आई वहीं प|ी के सिर में पत्थर लगने से वह घायल हो गई। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया है।
चाचरिया चौकी पुलिस के अनुसार रेमसिंह पिता सेकड़िया (45) और प|ी बिंदीबाई (40) घर के आंगन में में सो रहे थे। घर के अंदर दो बेटे, बहू व बेटी सोए थे। रात करीब 1 बजे धारदार हथियार से रेमसिंह पर वार किया। वह छूट कर भागा तो उसे कुछ दूरी पर पकड़ कर फिर वार किया। इस दौरान प|ी बिंदीबाई उठी तो उसे भी पत्थर मारा। इससे उसके सिर में चोट आई। घर में सोए पुत्र काशीराम ने दरवाजा खोला तो उसे भी लट्ठ मारा। शोर सुनकर फलिए के लोग जाग गए। इससे बदमाश भाग खड़े हुए। रेमसिंह व बिंदीबाई को रात को ही सिविल अस्पताल सेंधवा ले जाया गया। जहां उन्हें इंदौर रैफर कर दिया। फिलहाल दोनों निजी अस्पताल में भर्ती हैं। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ धारा 307 के तहत केस दर्ज कर लिया है।
आमझिरी में घटनास्थल का मुआयना करते पुलिसकर्मी।
एसडीओपी पहुंचे मौके पर
पति-प|ी पर हमले की जानकारी मिलने पर एसडीओपी संपत उपाध्याय, ग्रामीण थाना प्रभारी आरआर पाटीदार और चाचरिया चौकी प्रभारी विजय पाटील मौके पर पहुंचे। एसडीओपी और ग्रामीण टीआई ने घायल रेमसिंह के पुत्र एवं अन्य से चर्चा कर घटना की जानकारी ली है।
रेमसिंह के चार भाई
रेमसिंह के 4 भाई हैं। पिता के हिस्से की 5 एकड़ जमीन का बंटवारा हो गया है। रेमसिंह के दो पुत्र व तीन पुत्रियां हैं। एक 1 पुत्र व 2 पुत्रियों की शादी हो चुकी है।
होश में आने पर बयान लेंगे
आमझिरी में पति-प|ी पर हुए हमले के मामले में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया है। रेमसिंह खतरे से बाहर है। उसके होश में आने के बाद बयान लेंगे। घटना के कारण का पता नहीं चला है। -संपत उपाध्याय, एसडीओपी, सेंधवा
महिलाओं का रो-रो के बुरा हाल
आग में अपनी फसल जलती देख महिलाओं के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे। महिलाओं के साथ ही बच्चे भी खूब रोए। परिवार के अन्य सदस्य पूरे समय उन्हें ढांढस बंधाते रहे।
आठ दिन पहले ही फसल काट कर खेत में रखी थी
किसान सिंगा ने बताया 8 दिन पहले ही फसल काट कर खेत में रखी थी। इसे बेचने के लिए बाजार में ले जाना था। बुधवार को आग लगने से फसल जल गई। किसान ने बताया ढाई एकड़ में बुआई की थी।
किसान बोला- फसल ही थी आय का साधन
गरीब किसान सिंगा ने बताया गेहूं की फसल को बेचकर गर्मी में परिवार के खर्च वहन कर सकता था। अब फसल जल चुकी है अब क्या होगा पता नहीं। पूर्व में भी सोयाबीन की फसल में नुकसान हुआ था।
तहसीलदार बोली- आप लगा लो पटवारी को फोन
निवाली तहसीलदार संजय जाट को मोबाइल पर सूचना दी तो उन्होंने कहा की आप ही पटवारी को फोन लगाकर बता दो। इस पर मीडिया कर्मियों द्वारा नाराजगी जाहिर करने के बाद उन्होंने कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
गरी में आग लगने पर नुकसान को देखकर रोती किसान की बेटी।
फसल की गरी में आग लगने पर परिवार की महिलाएं व बच्चे रोते रहे।
ढाई एकड़ गेहूं फसल की गरी में लगी आग बुझाते ग्रामीण।