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सात गांवों के 400 किसानों ने 3 घंटे तक ग्रिड घेरा, नारेबाजी की

7 वर्ष पहले
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अघोषितबिजली कटौती और कम वोल्टेज को लेकर सोमवार को करीब 7 गांव के 400 किसानों ने तीन घंटे तक नगर में स्थित ग्रिड घेरा। सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक नारेबाजी की। आक्रोशित किसानों ने कहा सरकार हमें दिन में तीन घंटे बिजली देने का आश्वासन देती है लेकिन अफसर अपनी मनमानी कर रहे हैं। इसका नुकसान हमें भुगतना पड़ रहा है। अगर विविकं इसी तरह अपनी मनमानी करती रही तो हम आंदोलन करेंगे।

सोमवार सुबह करीब 11 बजे किसान पहुंचे। लेकिन वहां अफसर नहीं होने से किसान परेशान होते दिखाई दिए। वहां से गुजर रहे पूर्व सांसद मकनसिंह सोलंकी ने किसानों से चर्चा की। इस पर उन्होंने विविकं के अफसरों से फोन पर चर्चा कर समस्या को हल करने के निर्देश दिए। इसके बाद विविकं के पलसूद जेई आरके पाटील, पाटी जेई श्याम सैनी मौके पर पहुंचे। उन्होंने समस्या सुनकर दो दिन में हल करने के आश्वासन दिया। उन्होंने कमियों को मानते हुए ट्रिपिंग की समस्या आने की बात कही। किसानों ने दोपहर 2 बजे आंदोलन समाप्त किया। सूचना के बाद नायब तहसीलदार डॉ. मुन्ना अड ने किसानों को समझाइश दी। किसानों की भीड़ को देखते हुए थाना प्रभारी अनूपसिंह सिंधिया ने सुरक्षा के लिए जवान तैनात किए। किसान राजाराम यादव, कैलाश यादव, देवीलाल गोले, सायसिंह थे।

इन गांवों के लोगोें ने घेराव किया

ठान,सीनीखोदडी, धमारिया, डोगलीपानी, अतरसंभा, ढेगचा, ढोमरिया खोदरा, सिवई दुवाली।

सूचना दे दी, लाइन में सुधार किया जाएगा

^वरिष्ठअफसरों को लाइन के संबंध में सूचना दे दी गई है। लाइन काे दुरुस्त किया जाएगा। -श्यामसैनी, जेईविविकं पाटी

भुगतान कर रहे हैं तो देना चाहिए बिजली

^किसानोंकी मांग सही हैं। किसान बिजली के बिलों का भुगतान कर रहे हैं तो उन्हें बिजली मिलना चाहिए। -मकनसिंहसोलंकी, पूर्वसांसद

व्यवस्थादुरुस्त कर, दो दिनों में समस्या दूर होगी

^किसानोंसे बात कर उनकी समस्या को सुना है। व्यवस्था दुरुस्त कर दो दिनों में समस्या को हल कर दिया जाएगा। -आरकेपाटील, जेईविविकं पलसूद

किसानों ने यह भी कहा

ठानके अमरसिंह सोलंकी ने बताया इन दिनों शासन ने 10 घंटे बिजली सप्लाय किसानों को देने का आदेश है लेकिन जमीनी हकीकत कुछ ओर ही है। इसमें हमें मात्र एक या दो घंटे बिजली मिलती है। वह भी कम वोल्टेज तथा ट्रिपिंग के साथ। ढेगचा के मास्टर पटेल ने बताया कम वोल्टेज से हमारी मोट