भ्रम दूर करने के लिए योग प्राणायाम करें
विद्यार्थियों और शिक्षकों को आसन, प्राणायाम, दिनचर्या और ब्रह्मनाद मुद्रा का प्रशिक्षण दिया
योग शिविर
मनुष्यअपने गुणों या खुद की कमजोरी के चलते ही भ्रम में जीने के कारण विचलित जीवन जीने के लिए मजबूर है। अचानक सोचने लगता है। वह व्यक्ति मेरे बारे में क्या सोचता होगा कभी सोचता है कि वह मेरी बात क्यों नहीं मानता है। कभी सोचता है कि सामने वाले के मन में क्या है।
वह स्वयं अपने मित्रों को गुमराह करके उसे नुकसान या छोटा दिखाने का प्रयास करता है। इस काम में मदद मिलने पर वह दोस्तों ईश्वर को कोसता रहता है। वह गलतियों में डूब कर अपना भविष्य बर्बाद कर रहा है। स्वयं हार्ट अटैक, आंखों की रोशनी कम होना, मोटापा, एनर्जी का नुकसान रोगों का शिकार हो सकता है।
एक दिनी निःशुल्क योग शिविर में माध्यमिक विद्यालय जावदे तर्फे हवेली शहादा में योग गुरु कृष्णकांत सोनी ने यह बात कही। उन्होंने कहा मनुष्य स्वयं अपने स्वास्थ के बारे में ना सोच कर अस्वस्थ रहता है, तो भ्रमित व्यक्ति के पास जीवन जीने के लिए भी समय नहीं है। भ्रमित व्यक्ति को भ्रम से निकालने में मात्र मदद योग एवं प्राणायाम ही कर सकते हैं। शिविर में करीब 300 विद्यार्थियों को आसन, प्राणायाम, आईवाश, दिनचर्या, सिद्ध मुद्रा, आचार्य मुद्रा, ब्रह्मनाद मुद्रा का प्रशिक्षण दिया। साथ ही आईवाश जलनेती पात्र और सूत्र नेती का नि:शुल्क वितरण किया गया। इस दौरान संस्था के मुख्य अध्यापक एलएम पाटील, टीडी जमादार, शिक्षक आरएम पाटिल ने भी योग के गुर सीखे।
योग शिविर में योग का अभ्यास करते विद्यार्थी।