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मंडी में दो घंटे व्यापारी के इंतजार में बैठे रहे किसान

7 वर्ष पहले
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मंडी में कपास की नीलामी शुरू होने का इंतजार करते किसान।

भास्कर संवाददाता | बड़वानी

कृषिउपज मंडी में रविवार को कपास लेकर आए किसानों को नीलामी के लिए दो घंटे इंतजार करना पड़ा। बावजूद इसके केवल तीन व्यापारी ही नीलामी में पहुंचे। किसानों ने मंडी प्रबंधन से शिकायत दर्ज कराई। मंडी सचिव का कहना है मंडी के लाइसेंसी व्यापारियों को अगले सप्ताह से बुलाया नहीं जाएगा। उन्हें अनिवार्य रूप से मंडी में आना होगा। ऐसा नहीं करने पर उन्हें नोटिस जारी किए जाएंगे। मंडी के व्यापारी प्रतिनिधि मुन्नालाल जैन ने बताया मंडी प्रबंधन जो समय तय करेगा, उस पर व्यापारी मंडी पहुंच जाएंगे। फिलहाल कोई समय ही निर्धारित नहीं है। भीलखेड़ा के गंगाराम पटेल, इकलेरा के बंशीलाल अवास्या ने बताया वे सुबह 10 बजे ही बैलगाड़ी लेकर आए गए थे। व्यापारियों के नहीं आने से नीलामी दोपहर 12 बजे शुरू हुई। मंडी में 8 बैलगाड़ी, 1 वाहन कपास लेकर किसान आए। उन्हें 3800 से 4090 रुपए प्रति क्विंटल के भाव मिले। मंडी में जितना कपास आया, उससे कहीं ज्यादा कपास मंडी के बाहर बिका। शहर के रेवा सर्किल, पाटी नाका, सिर्वी मोहल्ला, रानीपुरा, आरटीओ चौराहा पर फुटकर व्यापारियों ने जमकर कपास की खरीदी की। मंडी सचिव ने बताया फुटकर खरीदी पर कार्रवाई नहीं की जा सकती। ज्यादा मात्रा में खरीदी होने पर संबंधित व्यापारी के खिलाफ कार्रवाई करेंगे।

क्वालिटीमें सुधार, फिर भी भाव कम - कपासकी क्वालिटी में सुधार के बावजूद किसानों को कम दाम मिलने से वे नाराज भी हुए। उन्होंने कहा मंडी में एक महीने पहले जो भाव मिल रहे थे। वही हाल आज भी हैं। उस वक्त व्यापारी नमी का हवाला देकर भाव में कटौती कर रहे थे लेकिन अब तो नमी भी नहीं है और क्वालिटी भी अच्छी है। ऐसे में कम से 5 हजार रुपए प्रति क्विंटल के भाव मिलने चाहिए। इससे कम भाव मिलने पर किसानों को नुकसान हो रहा है।

सुधाररहे हैं व्यवस्था

^मंडीमें समय पर नीलामी हो, व्यापारी समय पर पहुंचे। उपज मंडी में ही नीलाम हो। इसके लिए व्यवस्था में सुधार कर रहे हैं। लाइसेंसी व्यापारियों को नीलामी में अनिवार्य रूप से आना होगा। नहीं आने पर नोटिस दिए जाएंगे।^ -के.आर. पगारे, प्रभारीमंडी सचिव बड़वानी