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पुलिया बने तो आसान हो सकती है खेड़ा गांव की राह

6 वर्ष पहले
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आंतरी-खेड़ा मार्ग पर ग्रामीण कई साल से झेल रहे परेशानी

भास्करसंवाददाता | मनासा

आंतरी-खेड़ामार्ग की दुर्दशा का खामियाजा सालों से खेड़ावासी भुगत रहे हैं। इस पर पुलिया नहीं होने से बारिश में तो रास्ता ही बंद हो जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि इस गर्मी में पुलिया बन जाए तो मुसीबत दूर हो सकती है।

आंतरी से करीब दो किलोमीटर दूर है खेड़ा। इसकी आबादी करीब एक हजार है। यहां प्राथमिक स्‍कूल, आंगनवाड़ी हैं और लोग खेती-मजदूरी करते हैं। आंतरी से खेड़ा जाने का मार्ग कच्चा और ऊबड़-खाबड़ है। रास्ते में बड़ा नाला है जिसकी पुलिया पूरी तरह टूट चुकी है। ऐसे में ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ता है।

ग्रामीण नागूसिंह पप्पूसिंह ने बताया सालों से पुलिया सड़क निर्माण की मांग की जा रही है। हैं। आवेदन-प्रतिवेदन भी दिए लेकिन कुछ नहीं हुआ। हर साल बारिश में समस्या झेलना पड़ती है। अशोक कुमार के अनुसार हमारी समस्या पर तो प्रशासन का ध्यान है और ही जनप्रतिनिधयों का।

नहींजा पाते स्कूल - गांवमें प्राथमिक विद्यालय है। इसके लिए शिक्षक और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता अन्य गांव से आते हैं। मिडिल, हाईस्कूल हायर सेकंडरी के लिए 25 से 30 विद्यार्थियों को आंतरी आना पड़ता है। इन्हें सड़क टूटी पुलिया के कारण परेशानी होती है। हादसे की आशंका भी बनी रहती है।

योजनाबनाएंगे

^खेड़ामें सड़क पुलिया की समस्या है। ग्रामीणों को आवाजाही में परेशानी होती है। आचार संहिता हटने के बाद पुलिया निर्माण की योजना बनाई जाएगी। जेपीपाटीदार, पंचायत सचिव, आंतरी

आंतरी-खेड़ा पहुंच मार्ग जहां पुलिया निर्माण की दरकार है।