न्यायालय ने पति के खिलाफ वाद निरस्त किया
महिला द्वारा पति के खिलाफ प्रस्तुत वाद को न्यायालय ने यह कहकर खारिज कर दिया कि बिना पर्याप्त कारण के अलग रही है और कुटुंब न्यायालय भोपाल में लंबित तलाक के प्रकरण में भरण पोषण राशि प्राप्त कर रही है। इसलिए धारा 125 के तहत भरण पोषण नहीं दिया जा सकता। गौरतलब है कि महिला की शादी मई 2013 में भोपाल के दरबार चौहान से हुई। महिला ने पति पर मारपीट के आरोप लगाए थे। पति के साथ रहने से इनकार कर दिया। न्यायाधीश आरके पाटीदार के न्यायालय में 5 हजार रुपए प्रतिमाह भरण पोषण का केस लगाया। न्यायालय ने पति के हक में फैसला सुनाया। इसके अनुसार महिला पूर्व में भोपाल कुटुंब न्यायालय में तलाक का दावा लगा चुकी है और 5 हजार रुपए प्राप्त कर रही है। इसलिए यहां दावा नहीं लगा सकती। प्रतिप्रार्थी भरतसिंह की आेर से पैरवी अधिवक्ता अहमद हुसैन खान और भोपाल के विनोद परमार ने की।