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कालिका व गृहलक्ष्मी का रूप होती है मातृशक्ति -माला दीदी

5 वर्ष पहले
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कालिका व गृहलक्ष्मी का रूप होती है मातृशक्ति -माला दीदी

बड़वानी |
हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी के सरस्वती शिशु मंदिर में बुधवार को मातृ सम्मेलन हुआ। इसमें दुर्गावाहिनी इंदौर की क्षेत्र संयोजिका मालासिंह ठाकुर ने विद्यार्थियों व माताअों को अधिकारों के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा- महिलाएं समाज का आधार होती हैं। वह गृहलक्ष्मी बनकर आती है। मां बनकर अपने बच्चों पर ममता लुटाती है। कभी कुछ गलत होने पर वह मां काली बनकर अन्याय का विरोध करती है। इतिहास गवाह है महत्वपूर्ण घटनाओं में महिलाओं का अतुलनीय योगदान रहा है। सीता, सावित्री, अनुसुय्या को आज भी हम पूजते हैं। वहीं रानी हाडा, पद्मिनी का बलिदान, झांसी की रानी, दुर्गावती की वीरता से हम सभी परिचित है। महिलाएं किसी से कम नहीं होती है। महिला एवं बाल विकास अफसर र|ा शर्मा ने कहा महिलाओं को अपने निर्णय लेने का अधिकार है। उन्हें डरने की जरूरत नहीं है। अन्याय करना तो गलत है, लेकिन अन्याय सहना उससे भी ज्यादा गलत है। व्याख्यान के बाद विद्यार्थियों ने योग, स्वच्छता, जय गणेशा कार्यक्रम पेश किए। दिल्ली में परेड के लिए चयन पर छात्रा आसावरी साठे का सम्मान किया। पार्षद सरस्वती जायसवाल, प्राचार्य मुकेश पाटील, अनिल नामदेव, ममता तोमर, अनिल राठौड़, स्कूल स्टाफ सहित बड़ी तादाद में माताएं, विद्यार्थी मौजूद थे।

संयोजिका मालासिंह ठाकुर

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