बागियों ने बढ़ाई भाजपा की मुसीबत
भोपाल को ऑपरेटिव बैंक के चुनाव में नामांकन पत्रों की जांच आज
विशेषसंवाददाता|भोपाल
भोपालको ऑपरेटिव बैंक के चुनाव में बागियों ने भाजपा की मुसीबत बढ़ा दी है। एक तरफ संगठन बागियों को नाम वापसी के लिए दबाव बना रहा है, तो दूसरी तरफ यह बागी आशंका जता रहे हैं कि उनके नामांकन पत्र निरस्त करने के बहाने तलाशे जा रहे हैं।
भाजपा में मची बगावत से उत्साहित कांग्रेस ने भी अपने सात उम्मीदवार मैदान में उतार दिए हैं। इनमें भोपाल जिला ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष अवनीश भार्गव की प|ी रश्मि भार्गव शामिल हैं। कांग्रेस की रणनीति बागियों की मदद कर भाजपा के अधिकृत उम्मीदवारों को हराने की है। भार्गव ने आरोप लगाया कि बैंक अध्यक्ष पद के दावेदार माने जा रहे पूर्व विधायक भक्तपाल सिंह रिकॉर्ड में हेर-फेर के लिए रविवार को अपने समर्थकों के साथ बैंक पहुंचे थे, लेकिन भार्गव जब वहां पहुंचे तो भक्तपाल वहां नहीं थे। भार्गव का बैंक स्टाफ और चुनाव अधिकारी मनोज गुप्ता से विवाद भी हुआ।
भाजपाका पूर्व अध्यक्ष भी बागी
भाजपाभोपाल जिला ग्रामीण के पूर्व अध्यक्ष पर्वत सिंह भी बागी हो गए हैं। पर्वत सिंह का नाम पहले पार्टी के उम्मीदवारों की सूची में था, लेकिन अंतिम समय में उनके स्थान पर रतन सिंह सोलंकी का नामांकन जमा करा दिया गया। ओमप्रकाश मेवाडा़, कामता प्रसाद और केदार सिंह के स्थान पर भी भाजपा ने अपने उम्मीदवार बदल दिए हैं। अब वीरभान मेवाड़ा, रामस्वरूप पाटीदार और राजेंद्र सिंह ठाकुर अधिकृत उम्मीदवार हैं।
13पदों के लिए 33 उम्मीदवार
संचालक के 13 पदों के लिए 33 उम्मीदवारों ने 48 नामांकन दाखिल किए हैं, इनकी जांच सोमवार को होगी। सूत्र बताते हैं कि इन 33 उम्मीदवारों में 26 भाजपा के बागी हैं। सबसे तगड़ा मुकाबला बैरसिया में है, वहां पांच पदों के लिए 12 उम्मीदवारों ने नामांकन जमा किए हैं और मतदाताओं की संख्या 14 है।