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अब हक की लड़ाई बनेगी युद्ध, आएंगे विपक्षी नेता

4 वर्ष पहले
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और इधर... पुनर्वास स्थल से डेढ़ किमी दूर रहेंगे विस्थापितों के मवेशी, होगी परेशानी
सरदार सरोवर बांध डूब क्षेत्र में आ रहे विस्थापितों की लड़ाई लड़ रहे नर्मदा बचाओ आंदोलन के साथ अब देश की राष्ट्रीय विपक्षी पार्टियों के कार्यकर्ता आ गए है। शनिवार को डूब क्षेत्र में आने वाले निसरपुर में सभी एकत्रित होकर जीतने का संकल्प लेंगे। राजघाट स्थित गांधी समाधि आकर युद्ध की चेतावनी देंगे। ये बात नर्मदा बचाओ आंदोलन प्रमुख मेधा पाटकर ने शुक्रवार को मीडिया से चर्चा के दौरान बताई।

निसरपुर में लोकमंच कार्यक्रम का आयोजन सुबह 11 बजे शुरू होगा। इसमें देश के सभी विपक्षी पार्टियों के सांसद, मंत्री और कार्यकर्ता शामिल होंगे। जिले के डूब पीड़ित भी कार्यक्रम में भाग लेंगे। इस दौरान डूब पीड़ितों की समस्याओं को सुनकर युद्ध की रणनीति तैयार की जाएगी। इसके बाद शुरू होगी लड़ाई। अनुमान लगाया जा रहा है कि सरकार के सामने अब मुश्किलें खड़ी होगी, क्योंकि नबआं के समर्थन में पहले ही 7 राज्यों के जन आंदोलनकारी संगठन आ चुके हैं। अब देश की विपक्षी राजनीति का भी साथ मिल गया है। अब सरकार के आगे इनके चक्रव्यूह को तोड़ना किसी चुनौती से कम नहीं रहेगा।

पहाड़ी के पास मवेशियों के लिए तैयार किए जा रहे टीनशेड।

कम है जगह इसलिए दूर बना रहे टीनशेड
अस्थाई पुनर्वास स्थल से अलग स्थान पर मवेशियों को बांधने के लिए टीनशेड बनाया जा रहा है। जगह नहीं मिलने के कारण इतनी दूरी पर टीनशेड तैयार किए जा रहे हैं। सविता चौहान, तहसीलदार अंजड़

नबआं की चेतावनी, मोदी का विजय रथ रूकेगा
नर्मदा बचाओ आंदोलन प्रमुख मेधा पाटकर ने बताया कि मोदी सरकार का विजय रथ अब रुकेगा। पूर्ण पुनर्वास और पुनर्वास स्थल पर सभी मूलभूत सुविधाएं नहीं होने तक सरकार की मनमानी नहीं चलने देंगे। डरा-धमकाकर किसी को भी गांव से नहीं हटाने दिया जाएगा। इसके लिए यदि जल समाधि लेनी पड़ी तो वह भी लेंगे।

डूब क्षेत्र में नाम न होने पर की शिकायत
शुक्रवार को नबआं कार्यालय पर खारिया भादल गांव के 10 से ज्यादा लोग शिकायत लेकर पहुंचे। इनका कहना था कि जमीन, घर डूब में आ रहे है। लेकिन मुआवजा मिलने वालों की लिस्ट में नाम ही नहीं है। पीड़ित नाहरसिंह पिता जामसिंह व इनके भाई लालसिंह सहित इनके बेटे कार्यालय पहुंचे। इन्होंने बताया की कई पीढ़ियों से गांव में रहे है। अब सरकार डुबाने की तैयारी कर रही है। जबकि ये अधिकार के लिए 2002 से लड़ रहे है। इसी तरह डूब क्षेत्र में आ रहे अन्य लोग भी इसी तरह की शिकायत लेकर पहुंचे।

मेधा पाटकर बोली- जल समािध लेना पड़ी तो वह भी लेंगे
ये नेता होंगे शामिल, फूकेंगे युद्ध का बिगुल
इसमें प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजयसिंह, सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया, विपक्ष के नेता अजयसिंह, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के सांसद डी राजा, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के सांसद राजेश, तृणमूल कांग्रेस की सांसद डोला सेन, बिहार के सांसद अली अनवर, जनता दल यू के सांसद अरुण श्रीवास्तव, आम आदमी पार्टी के मंत्री गोपाल राय, एसयूसीआई के सत्यवान, समाजवादी जन परिषद के फागराम, बड़वानी के कांग्रेस विधायक बाला बच्चन, रमेश पटेल सहित जिला कांग्रेस के अन्य पदाधिकारी शामिल होंगे। इनके साथ जिले के नर्मदा घाटी के लोग भी शामिल होंगे।

मीडिया से चर्चा करती नर्बदा बचाओ आंदोलन प्रमुख मेधा पाटकर व डूब प्रभािवत।

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