गिट्टी की खदानें कर रही फसलें प्रभावित
जिन क्षेत्र में गिट्टी की खदानें हैं वहां की प्याज, लहसुन के पत्ते पीले पड़ रहे हैं।
गेहूं की बालियों पर धूल जम जाती है जिससे गेहूं की फसल निकालने में किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
पौधों की समुचित वृद्धि नहीं पाती है।
खेतों में धूल जमी होने से धूल पानी सोख लेती है जिससे फसलों की सही सिंचाई नहीं हो पाती है।
खेतों में उगने वाला चारा पशुओं के स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा रहा है।
धूल के कारण लोगों को स्वांस संबंधी बीमारियां हो रही हैं। आंखों में जलन और खुजली भी हो रही है।
खदानों में ब्लास्टिंग के कारण आसपास के मकानों को नुकसान भी पहुंच रहा है।
छोटी खंडवा में चार खदाने हैं यहां पास में आईटीआई कॉलेज है जिससे छात्र-छात्राओं को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
अधिकारी को पत्र लिखा है
माइनिंग अधिकारी को पत्र लिखा गया है। खदानें अवैधानिक रूप से संचालित हो रही हैं। इससे लोगों के स्वास्थ्य के साथ ही फसलों को भी नुकसान हो रहा है। ए.के. बिसन, कार्यपालन यंत्री, मप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड
शिकायत दिल्ली भेज रहे हैं
प्रदूषण विभाग का पत्र मिला है। धूल का मामला प्रदूषण विभाग का है। अवैधानिक कार्य नहीं हो रहा है। फिर भी शिकायत दिल्ली भेजी जा रही है। वहां से मिले निर्देश पर कार्रवाई की जाएगी। भावना सेंगर, खनिज अधिकारी
पीथमपुर. इस तरह छोटी खंडवा में धूल उड़ा रही हैं खदानें।
भास्कर संवाददाता | पीथमपुर
नगर सहित आसपास के क्षेत्र में गिट्टी की खदानें फसलों को चौपट कर रही हैं। खदानों से निकलने वाली धूल खेतों में जमकर करीब तीन सौ बीघा क्षेत्र की फसलों को नुकसान पहुंचा रही है। साथ ही धूल से लोगों को अनेक बीमारियां भी हो रही है।
छोटी खंडवा, माधवपुर, खेड़ा, जामोदी, पांजरिया और आसपास के इलाकों में करीब 10 खदानें हैं। जहां निरंतर पत्थरों का खनन कर गिट्टी बनाई जा रही। इससे हमेशा क्षेत्र में धूल उड़ती रहती है। ये धूल खेतों में जमकर कृषि भूमि की उर्वरक क्षमता को प्रभावित कर रही हैं। इससे इन खेतों में बोई जाने वाली सभी प्रकार की फसलें प्रभावित हो रही है। किसान भूरा चौधरी, दिलीप कामदार, बाबूलाल चौधरी, महेश कामदार, विजय चौधरी का कहना है खासकर गाजर, गेहूं,चना और आलू की फसल बोई जाती है। फसलों का उत्पादन कम हो रहा है वहीं फसलें दूषित भी हो रही हैं जो लोगों के स्वास्थ्य भी बिगाड़ रही है।
सीएम हेल्प लाइन पर भी की शिकायत
क्षेत्र के 8 किसानों ने सीएम हेल्प लाइन पर खदानों की शिकायत की थी। इस पर अधिकारियों ने क्षेत्र का दौरा किया था। अधिकारियों ने रिपोर्ट में बताया था कि क्षेत्र में अवैधानिक रूप से गिट्टी का खनन किया जा रहा है। इसके बावजूद कार्रवाई नहीं की जा रही है।