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हैंडपंप बंद होने से कुएं का पानी पी रहे थे डावरिया फलिए के लोग

7 वर्ष पहले
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भास्कर संवाददाता| जुलवानिया

जुलवानियाग्राम पंचायत में सागवी नीम गांव के डावरिया फलिए में लोग करीब एक माह से कुएं का पानी पी रहे थे। वजह ये कि जिस हैंडपंप का पानी पहले वे पीते थे उसके पास एक खेत में बोरिंग लग गया और हैंडपंप से पानी आना बंद हो गया। नतीजतन फलिए के करीब 50 परिवार के लोग मजबूरन खेत के एक कुएं का पानी पी रहे थे और उल्टी-दस्त के शिकार हो गए।

गुरुवार सुबह 9 बजे जुलवानिया अस्पताल में पहले 8 मरीज पहुंचे। इनमें से भुरला पिता थावल्या (60), दुर्गा पिता कैलाश (11), सुमन पिता गुलाब(15), भोल्या- हरसिंह (45), गुदली- मोटला (44) की हालत गंभीर थी। उन्हें प्राथमिक इलाज के बाद जिला अस्पताल रैफर कर दिया गया। अन्य तीन ग्यारसी -रमेश (30), रानी- रमेश (6), बंसती नहाला (20) को राजपुर अस्पताल रैफर किया गया।

गांवमें जांच के बाद इन मरीजों को किया रैफर-गोरेलाल बिसन(18), डूटी बाई मंगलिया (60), बसंती नहाला (16), मुन्नीबाई नहाला (55) को बड़वानी के लिए रैफर किया।

^कुएं के रुके हुए पानी को पीने के कारण लोग बीमार हुए हैं। सभी की जांच कर इलाज दिया गया है। गंभीर को बड़वानी रैफर किया है। रोजाना मरीजों की जांच की जाएगी।^ -डॉ.एमएस सिसौदिया, बीएमओराजपुर

ये लोग भी मिले बीमार

रानीपिता रमेश (5), रेखा पिता रमेश (5), सैयतुल सोहन (24), ग्यारसी रमेश (24), पार्वती गुलाब (10), तेजल रिधु (60), ममता सुभाष (30), संगीता मुकेश (25), सीमा मेहताब (30), रोशनी मुकेश (डेढ साल), कमला बाई नरसिंह (55), कनीबाई दिनेश (40), शांता मधु (35), युवराज (6), दिलीप हीरालाल (6), छन्नू हीरालाल (5), संतोष हीरालाल (4), सोनू बंशीलाल (18), निलेश पन्नालाल (2), आसमा पन्नालाल (4), छेदीबाई दलसिंह (60), चंपालाल कैलाश (20), नहारसिंह भूरसिंह (60), मुकेश सरदार (14), छाटली (30) को भी उल्टी-दस्त की शिकायत पाई गई। उन्हें प्राथमिक उपचार दिया है।

उल्टी दस्त के मरीज होने की सूचना के बाद शाम 6 बजे जांच दल पहुंचा। इसमें डॉ. एमएस सिसौदिया, जुलवानिया डॉ. मनोज कदम, ओझर डॉ. नागेंद्र मंडलोई, राजपुर डॉ. देवेंद्र रोमड़े सहित अन्य लोग शामिल थे। इन्होंने करीब 50 घरों में जाकर लोगों की जांच की। जांच के दौरान 4 मरीजों को गंभीर पाए जाने पर रैफर कियाा। कुएं के पानी का सैंपल लिया। कुएं में बिल्चिग पाउडर डाला गया। रात में एक डॉक्टर कंपाउडर काे सु