बेटी जन्म पर स्वागत करें, उत्सव मनाएं
लड़केके जन्म में पूरे परिवार में खुशी मनाई जाती है जबकि लड़की के जन्म पर मायूसी क्यों छा जाती है अब नारी अबला नहीं सबला है। अब बेटी का जन्म होने पर हम उसका स्वागत करेंगे। उत्सव मनाएंगे।
गायत्री मंदिर सभागृह में गुरुवार को महिला सशक्तिकरण अधिकारी रीना शर्मा ने यह बात कही। महिला एवं बाल विकास विभाग परियोजना राजपुर ने गुरुवार स्वागतम् लक्ष्मी योजना के तहत कार्यशाला रखी। मुख्य वक्ता शर्मा ने विभाग के कर्मचारियों महिलाओं को बेटी जन्म पर उत्सव मनाने का अनुरोध किया। समाज परिवार में बेटियों के महत्व की जानकारी दी। कार्यक्रम में मेडिकल ऑफिसर डॉ. मनोज कदम, परियोजना अधिकारी रूपसिंह सिसौदिया ने भी बात रखी। सिसौदिया ने कहा बेटा-बेटी के बीच परिवारों में होने वाले भेद को खत्म करना योजना का मुख्य उद्देश्य है। किसी भी आंगनवाड़ी क्षेत्र में किसी परिवार में बेटी का जन्म होने पर आंगनवाड़ी कार्यकर्ता उसके घर जाकर बेटी का स्वागत करेंगी। सुपरवाइजर कामिनी सोनाने ने बाल विवाह है अभिशाप गीत सुनाया। साथ ही उन्होंने सही आयु में बेटी का विवाह करने की जानकारी दी। इस दौरान जुलवानिया, ओझर, बालसमुद, नागलवाड़ी, सेक्टर की आंगनवाड़ी की कार्यकर्ता मौजूद थी। कार्यक्रम में लाड़ली लक्ष्मी योजना के राष्ट्रीय बचत पत्र का वितरण किया गया। कार्यशाला मे सुपरवाइजर कृष्णा स्वामी, नीता जैन, लता सेनानी, स्वास्थ विभाग सुपरवाइजर कमल राठौड़, महेंद्र मंडलोई, कुंवर मंडलोई सहित बड़ी संख्या मे स्वसहायता समूह की महिलाएं उपस्थित थी।
महिला को बचत पत्र सौंपते महिला सशक्तीकरण अधिकारी रीना शर्मा अन्य।