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पदयात्रियों का जत्था पावागढ़ रवाना

7 वर्ष पहले
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मशाल लेकर 35 पदयात्री पहुंचे, स्वागत किया

नवरात्रपर्व शक्ति का महापर्व है। नौ दिनों मे तरह-तरह से लोग मां की आराधना करते हैं। बुधवार देर रात को मशाल यात्रियों का जत्था नगर से गुजरा। 6 हजार किमी की दूरी से हाथ में मशाल लेकर 35 पदयात्रियों का स्वागत धार्मिक संगठन के सदस्यों ने किया।

जोगेश्वरी नवरात्रा उत्सव समिति शेटफले (महाराष्ट्र) के सदस्यों ने बताया वैष्णोदेवी से 6 हजार किमी की दूरी तक पदयात्रा कर हाथ में मशाल थामे ले जा रहे हैं। समिति के भगत शिंदे ने बताया हर साल मां अंबे की शक्तिपीठ से ज्योत जलाकर अपने गांव शेटफले लेकर आते हैं। महाज्योत से ही नवरात्रि में अखंड ज्योत जलाई जाती है। सात साल से मशाल यात्रा निकाली जा रही है। 5 सितंबर को वैष्णोदेवी से मशाल यात्रा लेकर रवाना हुए थे। मशाल को लेेकर एक पदयात्री दिन-रात दौड़ लगाता है। जगह- जगह पर समिति के अन्य सदस्य मशाल थामकर दौड़ लगाते हैं। उन्होंने बताया मशाल यात्रा 25 सितंबर के गांव शेटफले पहुंचेगी। विलास गायकवाड़ ने बताया अब तक छत्रपति शिवाजी महाराज की कुलदेवी तुलजापुर, माहुगढ़ रेणुका माता शक्तिपीठ, नासिक की वणीमाता, कोल्हापुर महालक्ष्मी मंदिर से यह यात्रा निकाली जा चुकी है। उन्होंने बताया 350 देश के शक्तिपीठ से मशाल यात्रा निकालना मंडल का उद्देश्य है। निरूत गायकवाड़ ने बताया तेज बारिश मे भी सतत यह मशाल जलती रहती है। मशाल यात्रा का विहिप जिला समरसता प्रमुख संतोष पटेल, सचिन नागर, क्रिंती राठौर, युवा मोर्चा मंडल अध्यक्ष शेखर परमार, गोलू यादव, अजय जायसवाल ने स्वागत किया।

221 पदयात्रीयात्रा में शामिल

290किमीकरेंगे पदयात्रा

03जत्थेनगर से रवाना

40किमीरोजाना करेंगे पदयात्रा

23कोपहुंचेंगे पावागढ़

ढोल-ताशों की गूंज के बीच माता के जयघोष लगाए। हाथ में धर्म ध्वजा थाम पावागढ़ रवाना हुआ पदयात्रियों का जत्था। यात्रियों का जगह-जगह स्वागत किया। समाजसेवियों ने स्वल्पाहार की व्यवस्था की।