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- सोसायटी में आठ दिन से नहीं हुई यूरिया की सप्लाय, बाजार में भी खत्म
सोसायटी में आठ दिन से नहीं हुई यूरिया की सप्लाय, बाजार में भी खत्म
किसानयूरिया के लिए परेशान हो रहे हैं। उन्हें सोसायटी के साथ खुले बाजार में भी यूरिया नहीं मिल रहा है। खरगोन, आलीराजपुर, धार में भी यूरिया की किल्लत होने से वे खाद के लिए भटक रहे हैं। जिला मुख्यालय की सोसायटी में आठ दिन से यूरिया की सप्लाय नहीं हुई है। सोसायटी अध्यक्ष चंद्रशेखर यादव ने बताया यही हाल जिले की 54 सोसायटी के हैं। उनका कहना है कि यूरिया के लिए एडवांस राशि जमा कराई है। बावजूद इसके सीजन में यूरिया नहीं मिलने से किसानों के साथ सोसायटी प्रबंधन को भी परेशानी हो रही है। गुरुवार को सोसायटी में खाद लेने आए काली बैयडी के मोहन कन्नौजे, बोम्या के हरीसिंग वास्कले, बड़वानी के गना पचाया, कैलाश पचाया ने बताया आठ दिनों से चक्कर लगा रहे हैं। प्रबंधन कोई समय सीमा नहीं बता रहा है। बाजार में भी खाद नहीं मिल रहा है।
डीएमओ का कहना है कि हमारे यहां रैक पाइंट नहीं है। जिन जिलों में रैक पाइंट है वहां पहले खाद दिया जाता है। वैसे हमारी ओर से सीजन के पहले ही मांग भेजी जा चुकी है। किसान इससे संतुष्ट नहीं हैं। हरीसिंह मुकाती, मांगीलाल काग ने बताया कि हर बार रबी के सीजन में एेसा ही होता है। कृषि विभाग को अच्छी तरह पता है कि किस समय यूरिया की मांग ज्यादा रहेगी। इसके बाद भी किसानों को समय पर यूरिया नहीं मिल पाता है। इस बार तो आस-पास के जिलों में भी यूरिया नहीं मिल रहा है।
एक-दो दिन में आएगा यूरिया
^यूरियाके लिए मांग भेजी जा चुकी है। एक-दो दिन में सोसायटी में खाद आना शुरू हो जाएगा। रबी सीजन में एकदम से मांग बढ़ने से पूर्ति में थोड़ी परेशानी रही है। रैक पाइंट नहीं होने से हमें खाद मिलने में देरी होती है।^ -श्रीकांतव्यास, डीएमओबड़वानी
पुराने कलेक्टोरेट पर कांग्रेस का प्रदर्शन आज
खादसंकट को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर शुक्रवार को दोपहर 12 बजे कांग्रेस कार्यकर्ता पुराने कलेक्टोरेट के सामने धरना-प्रदर्शन करेंगे। जिलाध्यक्ष सुखलाल परमार ने बताया प्रदेश सरकार किसानों को तो पर्याप्त बिजली दे पा रही है ही खाद। सिंचाई के समय बिजली काटी जा रही है। रबी सीजन में गेहूं में डालने के लिए किसानों को यूरिया नहीं मिल रहा है। इन्हीं मुद्दों को लेकर प्रदेशव्यापी धरना दिया जा रहा है। इसी क्रम में जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन किया जाएगा।
खाद के लिए इंतजार करते किसान।
सरकारी निजी
नामलक्ष्