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बिजली चोरी मामले में समन शुल्क न्यायसंगत नहीं

7 वर्ष पहले
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बिजलीचोरी के मामलों में समझौता करने पर बिजली कंपनी भारीभरकम समन शुल्क ले रही है जो न्यायसंगत नहीं है। समझौता होने पर शुल्क वसूला जाए। यह मांग अधिवक्ता मो. हुसैन खान ने की है। प्रदेश सरकार और विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर में भेजे पत्र में उन्होंने बताया लोक अदालतों में माध्यम से सुलझने वाले मामलों में सर्वाधिक मामले बिजली चोरी के होते हैं। कंपनी बिजली चोरी की राशि के साथ ही समन शुल्क वसूलती है। ये हजारों में होता है जो उचित नहीं है।

एक उपभोक्ता को बिजली चोरी की राशि 11 हजार थी उसका समन शुल्क 9 हजार रुपए जोड़ा या। अधिवक्ता ने बताया दीवानी मामलों में समझौता होने पर न्याय शुल्क वापस कर दिया जाता है। बिजली चोरी के प्रकरणों में समझौता होने पर शुल्क वसूला जा रहा है जो सही नहीं है।

आजपलसूद और कल सेंधवा में लगेगा शिविर

लोकअदालत के पहले बिजली चोरी के मामलों में समझौते के लिए बिजली कंपनी वितरण केंद्रवार शिविर लगा रही है। इसमें राशि जमा कराने वालों के समझौते कर केस खत्म किया जा रहा है। बुधवार को जुलवानिया राजपुर में लोग पहुंचे। गुरुवार को पलसूद और शुक्रवार को सेंधवा ग्रामीण के उपभोक्ताओं के लिए शिविर लगेगा।