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मैली चादर ओढ़कर द्वार तिहारे कैसे आऊं

7 वर्ष पहले
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मैली चादर ओढ़कर भगवान के द्वारे जाने में भक्त शर्म महसूस करता है। उसे अपनी मन रूपी चादर को पहले गुरु से धुलवाना चाहिए। इसके बाद भगवान के शरण में जाना चाहिए। यह बात मुनिश्री प्रज्ञासागरजी महाराज ने स्थानीय स्वाध्याय भवन में प्रवचन के दौरान कही। उन्होंने कहा भगवान को पाने के लिए गुरु से रिश्ता बनाना होगा। इस दौरान समाज द्वारा बेड़िया के संघपति नरेंद्र जटाले, माेहन राठौड़ युवाजन का समाज के हेमंत जैन, धर्मेंद्र जैन, मनोज जैन, आईबी जैन, प्रदीप बर्तन ने अभिनंदन किया। संचालन मनोज जैन ने किया। यहां से मुनिश्री का महेश्वर विहार हुआ।

प्रज्ञासागरजी