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पढ़ाई-लिखाई की, लाखों का पैकेज छोड़ बने संत
जैन संत देश और समाज के लिए एक मिसाल हैं। अच्छी डिग्री हासिल की और फिर संत बन गए। आज समाज के दशा-दिशा के प्रणेता हैं। अधिकांश संत ऐसे हैं जिन्होंने बीए,सीए, एमएससी, बीबीए, एमबीए तक किया है। लाखों का पैकेज छोड़कर संत बन गए। ऐसे 20 संत हैं जो श्रमणाचार्य विशुद्धसागरजी महाराज के साथ आज सिद्धवरकूट में प्रवेश करेंगे। इन संतों ने अपनी पढ़ाई पूरी करने के साल दो साल बाद ही दीक्षा ली और समाज को अध्यात्म ग्रंथों का अध्ययन कर न्याय विद्या, निष्प्रह साधना, प्रथमानुयोग,अध्यात्म, ध्यान साधना,संयम, समर्पण की सीख दे रहे हैं। बहुत कम मुनिश्री ही ऐसे हैं जिन्होंने मिडिल हायर सेकंडरी तक शिक्षा ली, लेकिन वह अंग्रेजी, हिंदी, संस्कृत सहित अन्य विधाओं के ज्ञाता हैं।
{श्रमण मुनि श्री 108 विश्ववीर सागरजी महाराज- बीए
{मुनिश्री 108 मनोज्ञ सागररजी महाराज- एमए, बीएड आयुर्वेद र|
{मुनिश्री 108 प्रमेय सागरजी महाराज- मिडिल
{मुनिश्री 108 प्रशम सागरजी महाराज- बीएससी
{मुनिश्री 108 प्रत्यक्ष सागरजी महाराज- बीई,बीए,एलएलबी, सिविल इंजीनियर
{मुनिश्री 108 सुप्रभ सागरजी महाराज- सीए
{मुनिश्री 108 सुव्रत सागरजी महाराज- बीए, एमए
{मुनिश्री 108 सुयश सागरजी महाराज- बीकाॅम
{मुनिश्री 108 अनुतर सागरजी महाराज- हायर सेकंडरी
{मुनिश्री 108 अनुपम सागरजी महाराज- बीए
{मुनिश्री 108 अरिजित सागरजी महाराज- एमए
{मुनिश्री 108 आदित्य सागरजी महाराज- बीबीए, एमबीए
{मुनिश्री 108 अप्रमित सागरजी महाराज- एमएससी(आईटी)
{मुनिश्री 108 आस्तिक्य सागरजी महाराज- बी-फार्मा
{मुनिश्री 108 आराध्य सागरजी महाराज- बीकॉम
{मुनिश्री 108 प्रणेय सागरजी महाराज- बीई, एमबीए
{मुनिश्री 108 प्रणीत सागरजी महाराज- एमकॉम, एमबीए
{मुनिश्री 108 प्रणव सागरजी महाराज- बीएससी
{मुनिश्री 108 प्रणत सागरजी महाराज- बी-कॉम
{मुनिश्री 108 प्रणुत सागरजी महाराज- हाईस्कूल
(जैनसमाज के अनुसार)
कौन मुनि कितने पढ़े-लिखे
आज विशुद्धसागरजी महाराज के साथ देवास से विहार कर सिद्धवरकूट पहुंचेंगे संत