28 हजार दैवेभो को नियमित करने की मांग
प्रदेशमें दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति दिन पर दिन खराब हो रही है। उधर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद कर्मचारियों में उम्मीद जागी है। रविवार को स्थानीय विश्राम गृह में दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों की बैठक हुई। कर्मचारियों ने संगठन बनाकर जल्द न्यायालय के फैसले को अमल में लाने की मांग की।
संगठन अध्यक्ष सोमदत्त कानूनगो उपाध्यक्ष पूर्णानंद डोंगरे ने बताया 25 जनवरी 2015 को उच्च न्यायालय के आदेशानुसार प्रदेश के 28 हजार दैवेभो कर्मचारियों को नियमितीकरण का लाभ दिए जाने का निर्णय दिया है। कर्मचारियों को 8 हजार रुपए वेतन मिलता था। आदेश के पालन के बाद वेतन 22 हजार रुपए हो जाएगा। इससे आर्थिक स्थिति सुधरेगी वहीं परिवार के भरण-पोषण भी ठीक से हो सकेगा। उन्होंने बताया जिन कर्मचारियों ने 240 दिन की सेवा पूरी की है उन्हें स्थायी वर्गीकृत घोषित किया जा चुका है। लेकिन शासकीय वेतनमान का लाभ सुविधाएं नहीं दी जा रही हैं। कर्मचारियों ने न्यायालय के फैसले का स्वागत किया है। बैठक में राधेश्याम यादव, बक्सीराम यादव, जयकुमार वर्मा, नत्थूदास बैरागी, आत्माराम कुमरावत, अशोक सोनी, रामलाल गोरामाई, राधेश्याम बाबा उपस्थित थे।
800करोड़ रुपए का अतिरिक्त भार पड़ेगा
सुप्रीमकोर्ट के फैसले पर राज्य शासन ने तर्क देते हुए बताया 800 करोड़ रुपए का भार बढ़ेगा। वहीं न्यायालय ने कर्मचारियों के हित में न्याय करते हुए शासन से लाभ देने को कहा है।