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पांच दिन में 1200 किसानों ने भरे जैविक खेती के लिए संकल्प पत्र
संकल्प पत्र भरकर शपथ लेते किसान सदस्य।
भास्कर संवाददाता|कसरावद
नर्मदाक्षेत्र के खेतों में रसायन के प्रयोग से बारिश में यह बहकर नदी-नालों से नर्मदा मिल रहा है। इससे नर्मदा नदी में प्रदूषण बढ़ रहा है। यह मानना है नर्मदा समग्र अभियान का। नर्मदा को प्रदूषण मानव जीवन को स्वस्थ बनाने के लिए अभियान से जुड़े लोग किसानों को जैविक खेती से प्रेरित कर रासायनिक दवाइयों का उपयोग करने की सलाह दे रहे हैं।
क्षेत्र में पांच दिन में 1200 किसानों ने शपथ पत्र भरकर जैविक खेती अपनाने की सहमति दी है। माकड़खेड़ा निवासी कृषक गजराजसिंह पटेल, मंशाराम वर्मा, अशोक पाटीदार सांयता, करणसिंह पटेल धीरेंद्रसिंह ने बताया नर्मदा को प्रदूषण मुक्त रखने के लिए किसान जुड़ रहे हैं। रासायनिक खेती से दूर रहकर जैविक खेती के प्रति प्रेरित कर रहे हैं। शपथ पत्र में सारी जानकारियां देकर रसायनों से दूर रहने के लिए किसान एक-दूसरे को प्रेरित कर रहे हैं। किसान प्रारंभिक तौर पर एक-दो एकड़ क्षेत्र में उत्तम कृषि को तैयार करेंगे तो धीरे-धीरे रुझान बढ़ेगा। नर्मदा समग्र के मैकल नेचुरल फाउंडेशन भोपाल नर्मदा जलग्रहण क्षेत्र को रासायनिक प्रदूषण अन्य घातक तत्वों से मुक्त करने के लिए काम कर रहा है।
नर्मदा जल ग्रहण क्षेत्र में उपयोग की जाने वाली रासायनिक, कीटनाशक दवाइयां वर्षा जल के साथ बहकर नदी में मिलने से प्रदूषण फैला रहे है। इससे कई जीव-जंतुओं की प्रजातियां भी समाप्त हो रही है। रासायनिक कृषि उत्पादन से स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने का खतरा है। खाने योग्य गेहूं, दाल सब्जियां प्राकृतिक तरीके से उत्पादन करें। भावी पीढ़ी को स्वस्थ बनाएं।
अंतरराष्ट्रीयनदी महोत्सव में उठाएंगे चिंता
विश्वमें भारत एवं आस्ट्रेलिया ही ऐसे देश हैं जो नदियों में बढ़ते प्रदूषण के लिए चिंतित हैं। 13 फरवरी से अमरकंटक में अंतरराष्ट्रीय नदी महोत्सव मनाया जाएगा। स्वच्छ रखने प्रदूषण से मुक्त रखने के लिए विशेषज्ञ व्याख्यान देंगे।
^किसानपरिचय संकल्प पत्र भर रहे हैं। वर्तमान में 1200 किसानों ने शपथ देकर जैविक खेती को अपनाकर पर्यावरण सुरक्षित संरक्षित रखने के लिए रसायनों से दूर रहने की घोषणा की है। -राम पाटीदार, सदस्य नर्मदा समग्र अभियान