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वायरस नहीं नकली अमानक बीज बना किसानों की बर्बादी का कारण
क्षेत्रकी सैकड़ों एकड़ भूमि में लगी मिर्च फसल वायरस के कारण बर्बाद हो जाने से किसान सदमे में हैं। शुक्रवार की रात 8 बजे मुलठान क्षेत्र से लगे गांव के किसानों ने बैठक कर खराब हुई मिर्च फसल का सर्वे कराने, फसल बीमा मुआवजा राशि के लिए कलेक्टर को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन देने का निर्णय लिया। किसान 22 सितंबर को खरगोन जाकर ज्ञापन देंगे।
किसानों का कहना है वायरस नहीं अमानक मिर्च बीज के कारण फसलें खराब हुई है। जिन किसानों के यहां अच्छे गुणवत्तायुक्त बीज लगाए हैं वहां मिर्च फसल को कोई बीमारी नहीं लगी। किसानों ने बताया बीज कंपनियों द्वारा पैकिंग कर सस्ता बीज महंगे दामों में दे दिया। इससे बीमारी के कारण फसलें खराब हुई। जबकि कंपनी ने बीज को रोगमुक्त बताते हुए बीज दिए थे। बैठक के दौरान किसान रामचंद्र मोरी ने बताया कृषि विभाग सहित सभी विभाग कृषि महोत्सव मना रहे है, इधर किसानों की समस्या को सुनने वाला कोई नहीं है। कंपनी हर साल अमानक बीज देकर किसानों को लूट रही है।
बैठक में मुलठान, हीरापुर, खामखेड़ा, किरगांव, भोपाड़ा, कमोदवाड़ा, सुर्वा, भोपाड़ा के सैकड़ों किसानों सहित मनोहर, मुकेश, संजय, संतोष, भागीरथ, झापडू, बद्रीभाई, भगवान, कैलाश, सुरेश, महेंद्र दरबार, रामेश्वर मीणा, राघोराम, मोहन, भगवानभाई, सचिन, राकेश उपस्थित थे।
तेज धूप होने पर खेतों में किसान काम पर लगे
भीकनगांव. लगातारदो दिन से तेज धूप रहने तथा सुबह ओस गिरने से खेतों में फसलों पर असर दिखाई देने लगा है। धूप खिलने से खेती-किसानी के कार्य कोलपे, दवाइयों का छिड़काव खाद देने का काम शुरू हो गया। फिलहाल कपास की फसल अधिक बारिश होने से खराब होकर पत्ते लाल हो रहे हैं। मिर्च पर वायरस कुकड़ा रोग होने से किसानों में बेचैनी है। वहीं सोयाबीन में चारा अधिक हो जाने से खरपतवारनाशक दवाइयां भी काम नहीं कर रही है। किसानों में फसलों को लेकर आशंका नजर रही है। किसान प्रेमलाल तिरोले, गोविंद मोरे, पितु मौर्य ने राहत िदलाए जाने की मांग की है।