उत्खनन के नाम पर बन रही सुरंगे
कायतखेड़ी गांव वीरान घोषित, खदान जलमग्न
नर्मदानदी उसके सुंदर तटों को उत्खनन कर सुरंग गड्ढों में तब्दील करने में अवैध कारोबारी लगे हुए हैं। रेत उत्खननकर्ता बेखौफ होकर खुदाई कर राजस्व को चूना लगा रहे हैं। भारी वाहनों की आवाजाही से ग्रामीण सड़क की हालत भी बदतर हो गई है। अवैध उत्खननकर्ता खुदाई करते हुए गांव के रहवासी मकानों तक गए हैं। इससे कभी भी मकान धंस सकते हैं।
कसरावद-सनावद मार्ग िस्थत पीपलगोन से करीब 3 िकमी दूर नर्मदा तट से रेत उत्खननकर्ता रात-दिन खुदाई कर रेत निकालने में लगे हैं। खदानों से रेत उत्खननकर्ता जेसीबी पोकलेन द्वारा ट्रकों से बड़ी मात्रा में रेत परिवहन कर रहे हैं। भट्याण बुजुर्ग गांव के राजेश मालवीय, प्यारसिंह चौहान, संतोष पगारे, राजू पगारे ने बताया गांव सहित तेलीयांव, अमलाथा में अवैध खुदाई कर नदी तट को छलनी कर रहे हैं। खुदाई करने वालों ने िकसानों की िसंचाई के लिए डाली गई पाइपलाइन को भी जगह-जगह से तोड़ दिया है। इससे सिंचाई नहीं हो पा रही है। ग्रामीणों ने बताया रेत उत्खननकर्ता खुदाई करते हुए रहवासी मकानों तक गए हैं। इससे कभी भी मकान धंस सकते हैं। वहीं शासन-प्रशासन के आला अफसरों द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। ग्रामीणों के अनुसार अफसरों ने रेत उत्खननकर्ताओं को पोकलेन जेसीबी मशीनें चलाने की रजामंदी दे रखी है।
लोडेडवाहनों का आना जाना जारी - इसदौरान अवैध रेत परिवहन कर रहे लोडेड वाहन रविवार को भी पीपलगोन-भट्याण बुजुर्ग मार्ग से निकलते रहे। कुछ ग्रामीण भी ट्रकों को रोकने की कोशिश करते नजर आए।
अधिक राशी लेने पर जताया विरोध
पीपलगोनस्थित रायल्टी नाका पर वाहन चालकों ने रसीद से अधिक राशि लिए जाने पर विरोध जताया। ग्रामीण धर्मेंद्र ठाकुर, लखन मालवीय, मोहन दरबार ने खनिज विभाग से कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों ने आंदोलन की चेतावनी दी।
रेत उत्खननकर्ताओं ने गहरी खाइ्यां बना दी है।
भट्याण बुजुर्ग के नर्मदा तट पर पोकलेन मशीनों से अवैध खुदाई चल रही है।